
तमाम एक्जिट पोल में कांग्रेस के लिए निराशाजनक संभावनाएं जताएं जाने के बीच केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने आज इस बात को खारिज किया कि चुनाव में संभावित खराब प्रदर्शन राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता की कमी का संकेतक होगा और कहा कि राहुल गांधी कभी यूपीए सरकार का हिस्सा नहीं थे।
कमलनाथ ने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार अपने कार्यक्रमों और जो अच्छे कार्य वह कर रही है, उन सब के बारे में जनता को ठीक ढंग से नहीं बता पाई।
कमलनाथ ने कहा कि सरकार के कामकाज के बारे में जनता की क्या धारणा है, चुनाव के नतीजे इसी को प्रतिबिंबित करते हैं, लेकिन ..उसे खारिज करना (अच्छे कार्यों को) और कहना कि हमने दस वर्षों में कुछ नहीं किया गलत है। राहुल गांधी कभी सरकार का हिस्सा नहीं रहे।'
उधर विपक्षी गठबंधन एक्जिट को एग्जिट पोल में बहुमत मिलने की जताई जा रही संभावना पर बीजेपी ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को हार की जवाबदेही से बचाने के लिए सत्तारूढ़ दल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के रूप में कोई बली का बकरा खोज लेगा।
बीजेपी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'कांग्रेस का तो यही मंत्र है कि कुछ अच्छा होने का सारा श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दो और गलत होने का दोष दूसरों के सिर मढ़ दो। ऐसे में पक्का है कि चुनाव में हार के लिए प्रधानमंत्री और अन्य को दोषी ठहराया जाएगा। सामूहिक जवाबदेही की बात होगी।'
कमलनाथ ने मतदान बाद सर्वेक्षणों के अनुमानों को कोई तवज्जो नहीं देते हुए याद दिलाया कि 2004 और 2009 में एक्जिट पोल के नतीजे वास्तविकता से काफी दूर रहे थे, इसलिए अच्छा यह रहेगा कि हम 16 मई का इंतजार करें जब सभी सीटों के परिणाम घोषित होंगे।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं