- हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में नीवा दुग्गल ने 344.60 अंक प्राप्त कर अफसर बनने का सपना पूरा किया है
- नीवा दुग्गल के पिता IPS अधिकारी राजेश दुग्गल और मां IRS अधिकारी रह चुकी हैं
- नीवा को हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफलता मिली
Success Story: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में नीवा दुग्गल ने भी बाजी मारी है. उन्होंने एचसीएस में 344.60 अंक हासिल करते हुए अफसर बनने का सपना पूरा किया है. खास बात यह है कि नीवा दुग्गल के माता-पिता भी अफसर रहे हैं. पिता राजेश दुग्गल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और मां सुनीता दुग्गल भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी के रूप में सेवाएं दी हैं. सुनीता सिरसा की पूर्व सांसद भी हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व डीआईजी राजेश दुग्गल की बेटी नीवा दुग्गल को मुख्य परीक्षा में कुल 297 और इंटरव्यू में 47.60 अंक मिले हैं. एचसीएस परीक्षा में नीवा को दूसरे प्रयास में सफलता हासिल हुई है. पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा में कुछ अंकों से चूक गई थीं.
दूसरे प्रयास में हासिल की सफलता
नीवा दुग्गल को एचसीएस परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफलता मिली है. पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा पास नहीं कर सकी थीं और कुछ अंकों से पीछे रह गई थीं. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी कर सफलता हासिल की.
IAS अधिकारी बनने का सपना
नीवा दुग्गल का सपना आईएएस अधिकारी बनने का है. वह संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा की भी तैयारी कर रही हैं. वह दो बार यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास कर चुकी हैं. इसके अलावा यूपीएससी के माध्यम से आयोजित सीडीएस परीक्षा भी पास कर चुकी हैं. नीवा दिल्ली में रहकर यूपीएससी और एचसीएस की तैयारी कर रही हैं.
बता दें कि हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम नतीजे 9 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए हैं. पूरे हरियाणा में सोनीपत के अभिषेक सरोहा ने 394.50 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया है. दूसरे स्थान पर 392.90 अंकों के साथ कुलदीप रहे हैं, जबकि तीसरा स्थान ईशा काला ने हासिल किया है. उन्हें 388.60 अंक मिले हैं.
मां ने वीआरएस लेकर राजनीति में रखे कदम
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार सुनीता दुग्गल ने बतौर आईआरएस अधिकारी इनकम टैक्स कमिश्नर की नौकरी से वीआरएस लेकर राजनीति में प्रवेश किया था. हरियाणा विधानसभा चुनाव 2014 में उन्होंने फतेहाबाद जिले की रतिया सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इनेलो प्रत्याशी के सामने महज 453 वोटों से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 में वह सिरसा से चुनाव मैदान में उतरीं और तीन लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर सांसद बनीं. हालांकि वर्ष 2024 के रतिया विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा.
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