यूपी कैडर की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने कुछ दिन पहले इस्तीफा दे दिया था, इसके बाद अब उन्होंने ऐलान किया है कि वो राजनीति की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं. हालांकि उन्होंने कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की है, वो निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतर सकती हैं. उन्होंने कहा है कि वो उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी आवाज कोई नहीं सुनता है. दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद से ही उनकी नई पारी को लेकर काफी चर्चा चल रही थी और कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि वो पहली ऐसी आईएएस अधिकारी नहीं हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़कर पॉलिटिक्स ज्वाइन की हो, दिव्या मित्तल से पहले कई IAS अधिकारी ये कदम उठा चुके हैं.
कौन हैं दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई करने के बाद दिव्या मित्तल लंदन चली गईं थीं और वहां जाकर नौकरी करने लगीं. हालांकि सपना IAS अधिकारी बनने का था, ऐसे में वो वापस भारत लौटीं और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. अपने पहले ही अटेंप्ट में उन्होंने इस परीक्षा को क्रैक कर लिया, लेकिन तब IAS नहीं मिला. इसके बाद दूसरे अटेंप्ट में 68वीं रैंक लाकर उन्होंने बतौर IAS अधिकारी नौकरी शुरू की. दिव्या मित्तल ने यूपी में कई अहम पदों पर काम किया है.
शाह फैसल ने भी छोड़ी थी नौकरी
दिव्या मित्तल की तरह कुछ साल पहले जम्मू-कश्मीर से आने वाले यूपीएससी टॉपर शाह फैसल ने भी यही काम किया था. कश्मीर के कुपवाड़ा में एक सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद शाह फैसल ने 2010 में UPSC AIR-1 हासिल किया. IAS अफसर बनने के बाद उन्होंने कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली, लेकिन 2019 में अचानक इस्तीफे का ऐलान कर दिया. शाह फैसल ने कश्मीर के लिए पॉलिटिक्स ज्वाइन की और अपनी अलग पार्टी भी बनाई.
अश्विणी वैष्णव ने भी शुरू की थी नई पारी
भारत के रेल मंत्री के पद पर मौजूद अश्विणी वैष्णव भी एक आईएएस अधिकारी रहे हैं. उन्होंने भी अपनी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद राजनीति में कदम रखा था और ये फैसला उनके लिए काफी फायदेमंद भी साबित हुआ. उन्होंने जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद IIT कानपुर से एमटेक किया. इसके बाद अमेरिका की पेंसिलविनिया यूनिवर्सिटी से एमबीए भी किया, लेकिन बाद में सिविल सर्विस को चुन लिया. अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अफसर रह चुके हैं.
ओडिशा में कई अहम पदों पर काम करने के बाद अश्विणी वैष्णव 2003 में पीएमओ आ गए और तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के डिप्टी सेक्रेट्री बन गए. इसके बाद वो वाजपेयी के प्राइवेट सेक्रेट्री भी रहे. इसके कुछ वक्त बाद उन्होंने लंबी छुट्टी ली और फिर इस्तीफे का ऐलान कर दिया. इस्तीफा देने के बाद अश्विणी वैष्णव ने कई बड़ी कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर काम किया, लेकिन बाद में उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया. अब मोदी सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया है.
कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल
अर्जुनराम मेघवाल आज मोदी सरकार में कानून मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं. मेघवाल 1982 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं. राजस्थान के एक बुनकर परिवार में जन्म होने के बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और फिर पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. साल 2009 में उन्होंने अपनी आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में एंट्री ली थी, इसके बाद से ही वो कई अहम पदों पर रहे.
ये बड़े नेता भी थे IAS अफसर
इन तमाम नेताओं के अलावा छत्तीसगढ़ के सीएम रहे अजीत जोगी, पूर्व केंद्रीय और विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह, तमिलनाडु से सांसद शशिकांत सेंथिलॉ, बीजेडी नेता वीके पांडियन, राज्यसभा सांसद रहे जवाहर सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रहे ओपी चौधरी जैसे लोगों ने भी आईएएस के बाद राजनीति को अपना करियर बनाया.
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