उत्तर प्रदेश के कन्नौज की रहने वालीं IPS अधिकारी बुशरा बानो इन दिनों खूब चर्चा में हैं. पश्चिम बंगाल कैडर की ये आईपीएस अधिकारी अपने एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने इंशाअल्लाह और अस्सलामु अलैकुम जैसे धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल किया. उन पर आरोप लग रहे हैं कि एक पुलिस अधिकारी रहते हुए वो कैसे इन धार्मिक अभिवादनों का इस्तेमाल कर सकती हैं. बुशरा बानो की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है, जिसे आपने कई बार पढ़ा या सुना होगा. आज हम आपको बताएंगे कि क्यों उन्हें शादी के बाद सऊदी अरब जाना पड़ा था और उनके पति क्या काम करते हैं.
क्या करते हैं बुशरा के पति?
आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के पति का नाम अस्मार खान है. जब बुशरा की शादी हुई तो वो सऊदी अरब की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर पढ़ाते थे. यही वजह थी कि बुशरा बानो को भारत छोड़कर सऊदी जाना पड़ा. अस्मार खान की फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक वो अभी एक प्राइवेट कंपनी में डायरेक्ट के पद पर काम कर रहे हैं.
बुशरा बानो के सफर की शुरुआत
कन्नौज के सौरिख गांव में जन्मीं बुशरा बानो बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं. उन्होंने स्कूली पढ़ाई के बाद मैथ्स में बीएससी किया और फिर एमबीए भी पूरा कर लिया. इस दौरान उनकी उम्र महज 20 साल थी. इसके बाद बुशरा बानो ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से PhD पूरी की, साथ ही नेट और जेआरएफ भी क्वालिफाई कर दिया. इस दौरान वो आगरा के एक प्राइवेट कॉलेज में भी पढ़ाती थीं.
शादी के बाद जाना पड़ा सऊदी
बुशरा बानो ने एकेडमिक में अपना करियर शुरू ही किया था कि उनकी शादी हो गई, जिसके चलते उन्हें भारत छोड़कर सऊदी अरब जाना पड़ा. यहां भी उन्होंने अपना ये प्रोफेशन आगे बढ़ाया और यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर काम शुरू कर दिया, जहां उनकी सैलरी भी काफी अच्छी थी. हालांकि बुशरा का मन वहां नहीं लगा और उन्होंने भारत लौटने का फैसला कर लिया. वापस आने के बाद बुशरा बानो ने UPSC की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन पहले अटेंप्ट में फेल हो गईं.
इसके बाद बुशरा ने 2018 में फिर से यूपीएससी दिया और इस बार उनकी 277वीं रैंक आई और IRTS अलॉट हुआ. इसी दौरान उनका UP PCS का रिजल्ट भी आया, जिसमें उन्हें छठी रैंक मिली और फिर उन्होंने फिरोजाबाद में एसडीएम के तौर पर नौकरी ज्वाइन कर ली. इस दौरान बुशरा ने अवैध खनन पर कार्रवाई से लेकर कई ऐसे काम किए, जिनकी खूब तारीफ हुई.
हालांकि बुशरा का सपना कुछ और था, उन्होंने फिर से UPSC दिया और 234वीं रैंक हासिल कर IPS बन गईं. इसके साथ ही उनका आईपीएस बनने का सपना भी पूरा हो गया. अपने दो बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने वो कर दिखाया, जिसे पूरा करने के लिए लोग सब कुछ छोड़ देते हैं.
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