हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कॉलेज प्रिंसिपल की मदद से कुछ विभागों में एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज (ECA) और स्पोर्ट्स कैटेगरी के तहत "जरूरत से ज्यादा एडमिशन" किए गए. ये आरोप लगाते हुए एसोसिएशन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं इस मामले पर प्रिंसिपल की प्रतिक्रिया भी आई है. प्रिंसिपल ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. एसोसिएशन ने मंगलवार को एक बैठक की और इस दौरान एक प्रस्ताव पास किया. इसमें आरोप लगाया गया कि स्पोर्ट्स और ECA कैटेगरी के तहत एडमिशन करने में नियमों का उल्लंघन हुआ है. कॉलेज की वैधानिक संस्थाओं को नियमों को नजरअंदाज किया गया.
प्रस्ताव में आगे कहा गया, "सभा हमारे कॉलेज की प्रिंसिपल की उस संदिग्ध भूमिका पर निराशा जाहिर करती है, जो उन्होंने कुछ विभागों में स्पोर्ट्स और ECA के तहत जरूरत से ज्यादा एडमिशन कराने में निभाई, जबकि यूनिवर्सिटी ने माना है कि ऐसा अनजाने में हुआ था." इसमें आगे कहा गया, "इसलिए, सभा प्रिंसिपल की कड़ी निंदा करती है क्योंकि वह हमारे स्टाफ सदस्यों द्वारा उठाए गए उन मुद्दों को सही ढंग से नहीं संभाल पाईं, जो यूनिवर्सिटी के नियमों और शर्तों के मुताबिक थे."
"प्रिंसिपल की कोई भूमिका नहीं"
हालांकि, हिंदू कॉलेज की प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव ने कहा कि ये अलॉटमेंट सीधे दिल्ली यूनिवर्सिटी ने किए थे और इस प्रक्रिया में फाइनल मंजूरी देने के अलावा प्रिंसिपल की कोई भूमिका नहीं थी. बता दें कि के स्पोर्ट्स और ECA कैटेगरी के तहत भी कॉलेज में एडमिशन दिए जाते हैं. इन्ही दाखिलों पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं.
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