Chhavi Sardana HCS Success Story: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा 2025 में हिसार शहर के डोगरान मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय छवि सरदाना ने 675 में से 385.80 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है. छवि की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है. खास बात यह है कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय स्वयं पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया. छवि अपने परिवार में पहली सरकारी अधिकारी बनी हैं. छवि के पिता चिराग सरदाना की प्रिंटिंग प्रेस की दुकान है, जबकि उनकी मां सुमन सरदाना गृहिणी हैं. बेटी की सफलता से परिवार में खुशी की लहर है. 9 अक्टूबर 2026 की सुबह एचसीएस परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया.
वकालत की पढ़ाई के साथ शुरू की तैयारी
छवि ने पटियाला से बीए-एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है. शुरुआत में उनकी इच्छा अधिवक्ता बनने की थी, लेकिन मन में सिविल सेवा में जाने और अधिकारी बनने का सपना भी था. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. छवि ने बताया कि उन्होंने कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं पढ़ाई को प्राथमिकता दी. तैयारी के दौरान वह रोजाना करीब आठ घंटे पढ़ाई करती थीं. सुबह छह से सात बजे के बीच पढ़ाई शुरू करने के बाद दिन का अधिकांश समय परीक्षा की तैयारी में
लगाती थीं.
सोशल मीडिया से दूरी, चैटजीपीटी से भी मिली मदद
छवि ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों से दूरी बनाए रखी. पढ़ाई के दौरान विषयों को समझने और जानकारी जुटाने के लिए उन्होंने चैटजीपीटी की भी मदद ली. उनका मानना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही उपयोग और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई. छवि के अनुसार, हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा की चयन प्रक्रिया के शुरुआती चरण में करीब 60 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसके बाद चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए अभ्यर्थी साक्षात्कार तक पहुंचे. अप्रैल में पहले चरण और जून में दूसरे चरण की परीक्षा हुई. इसके बाद 3 से 8 अक्टूबर तक पंचकूला स्थित आयोग कार्यालय में साक्षात्कार आयोजित किए गए. अंतिम परिणाम में छवि ने पांचवां स्थान हासिल किया.
दो अन्य परीक्षाओं के परिणाम का इंतजार
छवि की सफलता का सफर यहीं समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने पंजाब सिविल सेवा (पीसीएस) और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाएं भी दी हैं, जिनके परिणाम आना अभी बाकी हैं. छवि का कहना है कि फिलहाल वह हरियाणा में मिली जिम्मेदारी को प्राथमिकता देंगी, लेकिन आगे बेहतर अवसरों के लिए प्रयास जारी रखेंगी. छवि की उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि स्पष्ट लक्ष्य, नियमित मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बिना कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है. उनकी कामयाबी से परिवार के साथ-साथ हिसार में भी खुशी और गर्व का माहौल है.
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