
नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली में एक तिहाई लोगों के फेफड़ों में प्रदूषण का कहर दिखाई देने लगा है। हाल ही दिल्ली सरकार द्वारा सड़कों पर निजी गाड़ियों के परिचालन में ऑड ईवन फॉर्मूला को लागू किए जाने के दौरान लोगों के फेंफड़ों की जांच की गई। इस जांच में करीब एक तिहाई लोगों के फेफड़ों में प्रदूषण का असर दिखाई दिया।
लेकिन, दिल्ली वालों को राहत देने वाली खबर यह है कि फरीदाबाद की आबोहवा अभी प्रदूषण के प्रकोप से अछूती है। गुरुवार शाम को मिली प्रदूषण जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि इस इलाके में वायु प्रदूषण का स्तर लगभग न के समान है। हाल के दिनों में प्रदूषण के लेकर जो भय का माहौल बना है उससे थोड़ी राहत सभी महसूस कर सकते हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर 16ए में प्रदूषण का कारक O3 पाया गया है और यहां पर व्यस्तम समय में प्रदूषण का स्तर 18 पाया गया। जबकि आम समय में यह 17 के करीब रहा।
इसके अलावा दिल्ली के आरके पुरम के डीपीसीसी इलाके में प्रदूषण का कारक पीएम 2.5 रहा जिसकी मात्रा व्यस्ततम समय में 390 और बाकी समय में औसतन 365 के करीब रहा। ये प्रदूषम के दृष्टि से काफी खराब माना जाता है।
वहीं दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में भी पीएम 2.5 ही प्रदूषण का कारण रहा। व्यस्त समय में इसकी मात्रा 396 पाई गई और बाकी समय औसतन 396 ही रहा। यहां भी प्रदूषण काफी खराब की श्रेणी में रहा है।
पंजाबी बाग के इलाके में भी पीएम 2.5 ही प्रदूषण की वजह है। यहां पर इसकी मात्रा 421 नापी गई जो आम समय में 373 के करीब रही। प्रदूषण के लिहाज से यह गंभीर स्तर है।
दिल्ली के उपनगर द्वारका के एनएसआईटी के पास भी पीएम 2.5 प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पाया गया है। यहां पर भी व्यस्त समय में इसकी मात्रा 423 पाई गई है और सामान्य समय में यह 344 रही। यह भी गंभीर प्रदूषण की श्रेणी में आता है।
वहीं दिल्ली का आनंद विहार जो देश का सबसे प्रदूषित इलाका रहा है वहां पर पीएम 10 प्रदूषण की वजह रहा। यहां पर व्यस्ततम समय में इसकी मात्रा 437 पाई गई है जबकि आम समय में यह 354 रही। यह भी गंभीर स्थिति है।
एक बात जरूर ध्यान देने की है कि लोगों को ऐसा कुछ करने से बचना चाहिए जिससे की फरीदाबाद वाले दिल्ली वालों को भगाने लगें। पर्यावरण और वायु प्रदूषण से बचने के सभी ऐहतियाती बातों को ध्यान में रखकर सांस लेने के लिए आप जा सकते हैं। आखिर अच्छी साफ हवा में सांस लेना आपका भी मौलिक अधिकार है।
लेकिन, दिल्ली वालों को राहत देने वाली खबर यह है कि फरीदाबाद की आबोहवा अभी प्रदूषण के प्रकोप से अछूती है। गुरुवार शाम को मिली प्रदूषण जांच रिपोर्ट से पता चलता है कि इस इलाके में वायु प्रदूषण का स्तर लगभग न के समान है। हाल के दिनों में प्रदूषण के लेकर जो भय का माहौल बना है उससे थोड़ी राहत सभी महसूस कर सकते हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर 16ए में प्रदूषण का कारक O3 पाया गया है और यहां पर व्यस्तम समय में प्रदूषण का स्तर 18 पाया गया। जबकि आम समय में यह 17 के करीब रहा।
इसके अलावा दिल्ली के आरके पुरम के डीपीसीसी इलाके में प्रदूषण का कारक पीएम 2.5 रहा जिसकी मात्रा व्यस्ततम समय में 390 और बाकी समय में औसतन 365 के करीब रहा। ये प्रदूषम के दृष्टि से काफी खराब माना जाता है।
वहीं दिल्ली के मंदिर मार्ग इलाके में भी पीएम 2.5 ही प्रदूषण का कारण रहा। व्यस्त समय में इसकी मात्रा 396 पाई गई और बाकी समय औसतन 396 ही रहा। यहां भी प्रदूषण काफी खराब की श्रेणी में रहा है।
पंजाबी बाग के इलाके में भी पीएम 2.5 ही प्रदूषण की वजह है। यहां पर इसकी मात्रा 421 नापी गई जो आम समय में 373 के करीब रही। प्रदूषण के लिहाज से यह गंभीर स्तर है।
दिल्ली के उपनगर द्वारका के एनएसआईटी के पास भी पीएम 2.5 प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पाया गया है। यहां पर भी व्यस्त समय में इसकी मात्रा 423 पाई गई है और सामान्य समय में यह 344 रही। यह भी गंभीर प्रदूषण की श्रेणी में आता है।
वहीं दिल्ली का आनंद विहार जो देश का सबसे प्रदूषित इलाका रहा है वहां पर पीएम 10 प्रदूषण की वजह रहा। यहां पर व्यस्ततम समय में इसकी मात्रा 437 पाई गई है जबकि आम समय में यह 354 रही। यह भी गंभीर स्थिति है।
एक बात जरूर ध्यान देने की है कि लोगों को ऐसा कुछ करने से बचना चाहिए जिससे की फरीदाबाद वाले दिल्ली वालों को भगाने लगें। पर्यावरण और वायु प्रदूषण से बचने के सभी ऐहतियाती बातों को ध्यान में रखकर सांस लेने के लिए आप जा सकते हैं। आखिर अच्छी साफ हवा में सांस लेना आपका भी मौलिक अधिकार है।
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