दिल्ली के हौज खास में AC ब्लास्ट हादसे में जान गंवाने वाले 1968 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार का प्रशासनिक करियर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा था. भारत की नौकरशाही, आर्थिक नीतियों और प्रतिस्पर्धा कानून को मजबूत आकार देने में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा. साल 1946 में जन्मे धनेंद्र कुमार ने केंद्र सरकार से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन किया.
जिलों से शुरू हुआ सफर, संभाले देश के कई अहम मंत्रालय
अपने शुरुआती प्रशासनिक करियर में धनेंद्र कुमार हरियाणा के करनाल और जींद जैसे जिलों के डिप्टी कमिश्नरअरहे. इसके बाद उन्होंने लेबर कमिश्नर, रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटीज और डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज जैसे अहम पदों पर काम किया. केंद्र में आने के बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, और संस्कृति मंत्रालय में सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं. वे ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे.

dhanendra kumar retired ias officer biography AC blast Delhi
वर्ल्ड बैंक में भारत का प्रतिनिधित्व और CCI की कमान
धनेंद्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का लोहा मनवाया. नवंबर 2005 से जनवरी 2009 तक वे वर्ल्ड बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे. इसके बाद, फरवरी 2009 से जून 2011 तक उन्होंने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली. उनके कार्यकाल के दौरान ही देश में प्रतिस्पर्धा कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया गया और बड़ी कंपनियों के एकाधिकार पर रोक लगाने के लिए CCI को मजबूत किया गया.
Delhi: In South Delhi's Hauz Khas area, a massive fire broke out late Wednesday night in house R-15 due to a short circuit. In the incident, 80-year-old retired IAS officer Dhanendra Kumar died of suffocation caused by smoke inhalation. pic.twitter.com/yZEX60EX3N
— IANS (@ians_india) May 28, 2026
हरियाणा के औद्योगिक विकास में बड़ा योगदान
हरियाणा सरकार में वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे. साथ ही हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने राज्य में इंडस्ट्रियल पार्क्स के विकास में बड़ा योगदान दिया. इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें देश के प्रधानमंत्री द्वारा 'नेशनल सिटिजन्स अवॉर्ड' से भी सम्मानित किया गया था. सार्वजनिक मामलों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी मिली थी.
रिटायरमेंट के बाद भी रहे सक्रिय
लंदन में 'इंडियन इन्वेस्टमेंट सेंटर' के रेजिडेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके धनेंद्र कुमार रिटायरमेंट के बाद भी नीतिगत मामलों में सक्रिय रहे. वे 'कंपटीशन एडवाइजरी सर्विसेज इंडिया एलएलपी' के संस्थापक चेयरमैन थे. इसके साथ ही वे 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स' में 'स्कूल ऑफ कंपटीशन लॉ' के प्रिंसिपल एडवाइजर और चीफ मेंटर के तौर पर भी जुड़े हुए थे. उनके आकस्मिक निधन से प्रशासनिक और नीतिगत गलियारों में शोक की लहर है.

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कैसे हुई धनेंद्र कुमार की मौत?
दिल्ली के हौज खास इलाके में बीती रात एक मकान में लगे AC की इनडोर यूनिट में अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया था, जिससे पूरे घर में भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में 80 वर्षीय रिटायर्ड IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की धुएं के गुबार में फंसने के कारण मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. जिस वक्त यह घटना हुई,
उस समय घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू सहायकों समेत कुल पांच लोग मौजूद थे, जिनमें से बाकी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे. पुलिस और क्राइम टीम मामले की तकनीकी जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की वजह से हुआ एक हादसा माना जा रहा है और किसी भी साजिश की आशंका से इनकार किया गया है.
रि. IAS के घर के सामने रहने वाली महिला सोनल ने बताया कि फायर ब्रिगेड आने में समय लगा. अंकल इतनी बडी पोजीशन से रिटायर हुए थे और उनके लिए इतना टाइम लगा तो आम आदमी का क्या ही हाल होता होगा. जरा खुद ही सोचिए. घूसखोर लोग हैं.
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