
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
सोमवार को सुबह 9 बजे से साढ़े नौ बजे तक लाइन तीन पर नोएडा से द्वारका चलने वाली मेट्रो की लोकेशन नहीं देखने से कुछ वक्त के लिए हड़कंप-सा मच गया।
इस मेट्रो ट्रेन की लोकेशन रामकृष्ण आश्रम स्टेशन से द्वारका स्टेशन के बीच नहीं दिखी। इसके चलते मेट्रो के आवागमन पर नजर रखने वाले लोग परेशान हो गए।
दरअसल, मेट्रो हेड ऑफिस में लगे एक कंट्रोल रूम से हर मेट्रो की लोकेशन को ट्रैक करते रहते हैं, लेकिन कभी कभी ट्रैक सर्किट ड्रॉप होने से मेट्रो को लोकेशन नहीं पता चल पाती है। ट्रैक सर्किट के ड्रॉप होने से मेट्रो की आवाजाही को मैनुअल करना पड़ता है इसी के चलते इसकी रफ्तार भी कम हो जाती है।
डीएमआरसी के जानकारों के मुताबिक, ये तकनीकी गड़बड़ियां आती रहती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि मेट्रो ट्रेन ट्रैक से ही गायब हो गई है। कई बार दो स्टेशन के बीच ट्रैक सर्किट ड्रॉप होने से उस स्टेशन के लोग मैनुअल तरीके से मेट्रो की आवाजाही को सुनिश्चित करते हैं, लेकिन इसकी खबर डीआमआऱसी के कंट्रोल रूम को बाद में मिलती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं हुआ कि मेट्रो ट्रैक से ही गायब हो गई।
इस मेट्रो ट्रेन की लोकेशन रामकृष्ण आश्रम स्टेशन से द्वारका स्टेशन के बीच नहीं दिखी। इसके चलते मेट्रो के आवागमन पर नजर रखने वाले लोग परेशान हो गए।
दरअसल, मेट्रो हेड ऑफिस में लगे एक कंट्रोल रूम से हर मेट्रो की लोकेशन को ट्रैक करते रहते हैं, लेकिन कभी कभी ट्रैक सर्किट ड्रॉप होने से मेट्रो को लोकेशन नहीं पता चल पाती है। ट्रैक सर्किट के ड्रॉप होने से मेट्रो की आवाजाही को मैनुअल करना पड़ता है इसी के चलते इसकी रफ्तार भी कम हो जाती है।
डीएमआरसी के जानकारों के मुताबिक, ये तकनीकी गड़बड़ियां आती रहती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है कि मेट्रो ट्रेन ट्रैक से ही गायब हो गई है। कई बार दो स्टेशन के बीच ट्रैक सर्किट ड्रॉप होने से उस स्टेशन के लोग मैनुअल तरीके से मेट्रो की आवाजाही को सुनिश्चित करते हैं, लेकिन इसकी खबर डीआमआऱसी के कंट्रोल रूम को बाद में मिलती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं हुआ कि मेट्रो ट्रैक से ही गायब हो गई।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं