अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों को नियमित करने पर जोर देने पर आप सरकार से मंगलवार को नाराजगी जताई. उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर अतिथि शिक्षक सक्षम हैं तो नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा उत्तीर्ण कर लेंगे. न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से पूछा कि वह अतिथि शिक्षकों के लिए अतिरिक्त लाभ क्यों चाहते हैं. सिसोदिया सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद थे. पीठ ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच विवाद के चलते 9000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति लटकी हुई है.
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पीठ ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच विवाद के चलते 9000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति लटकी हुई है. सुनवाई के दौरान सिसोदिया ने कहा कि अतिथि शिक्षकों ने सरकारी स्कूलों का हुलिया बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और शिक्षा के स्तर में सुधार किया है. उन्हें हटाने से व्यवस्था प्रभावित होगी.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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पीठ ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच विवाद के चलते 9000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति लटकी हुई है. सुनवाई के दौरान सिसोदिया ने कहा कि अतिथि शिक्षकों ने सरकारी स्कूलों का हुलिया बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और शिक्षा के स्तर में सुधार किया है. उन्हें हटाने से व्यवस्था प्रभावित होगी.
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