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This Article is From Dec 04, 2017

जिंदा बच्चे को मृत बताने का मामला : मैक्स हॉस्पिटल ने दो डॉक्टरों को निकाला, परिजन लगातार धरने पर

बच्चे के परिजन पिछले चार दिन से अस्पताल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं.

जिंदा बच्चे को मृत बताने का मामला : मैक्स हॉस्पिटल ने दो डॉक्टरों को निकाला, परिजन लगातार धरने पर
मैक्स हॉस्पिटल ने दो डॉक्टरों को निकाला, परिजनों लगातार धरने पर (फाइल फोटो)
  • मैक्स अस्पताल ने कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों को निकाल दिया है
  • ज़िंदा बच्चे को मृत बता कर उनके परिजनों को दे दिया था
  • परिजन चार दिन से धरने पर बैठे हैं
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नई दिल्ली: ज़िंदा बच्चे को मृत बता कर उनके परिजनों को देने के मामले में दिल्ली के शालीमार बाग मैक्स अस्पताल ने कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों को निकाल दिया है. अस्पताल ने बयान जारी करते हुए कहा कि हांलाकि इस मामले में अस्पताल द्वारा की जा रही जांच अब भी जारी है लेकिन बच्चे का इलाज़ कर रहे डॉक्टर एपी मेहता और डॉक्टर विशाल गुप्ता को निकालने का फ़ैसला किया है. इन सब के बीच बच्चे के परिजन पिछले चार दिन से अस्पताल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं.

दिल्ली पुलिस ने मैक्स अस्पताल को भेजा नोटिस

एक बयान में मैक्स हेल्थकेयर ने कहा, 'विशेषज्ञ समूह द्वारा जांच जारी है, लेकिन हमने समय से पहले जुड़वां बच्चों के जन्म के मामले में दो डॉक्टरों- एपी मेहता और विशाल गुप्ता की सेवाएं समाप्त करने का फैसला किया है.' बयान में कहा गया, 'यह कड़ी कार्रवाई विशेषज्ञ समूह के साथ हमारी शुरुआती चर्चा के बाद की गई है.'

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, दोषी पाए जाने पर रद्द हो सकता है अस्पताल का लाइसेंस

गौरतलब है कि बीते 30 नवंबर की सुबह मैक्स अस्पताल में एक महिला ने जुड़वां बच्चों (एक लड़का और एक लड़की) को जन्म दिया था. बच्ची मृत ही पैदा हुई थी. अस्पताल ने बच्चे के माता-पिता को बताया कि दोनों बच्चे मृत पैदा हुए हैं और उन्हें दोनों बच्चे एक पोलि​थिन बैग में सौंप दिए गए, लेकिन उनके अंतिम संस्कार से ठीक पहले परिवार ने पाया कि एक बच्चा जीवित है.

Video- जिंदा बच्चे को मृत बताकर परिजनों को सौंपा

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा था कि यदि अस्पताल को जांच में लापरवाही का दोषी पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. जैन ने कहा, 'एक बार रिपोर्ट आ जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. यदि अस्पताल को मेडिकल लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो इसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.'


 

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