दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है. AQI के 240 के पार पहुंचने के बाद ग्रैप-1 (GRAP-1) लागू कर दिया गया है. इसी बीच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदूषण को कम करने के लिए हाईवे नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है.
NHAI के अनुसार दिल्ली-NCR की करीब 157 किलोमीटर लंबी सड़कों और कॉरिडोरों पर 900 कर्मचारियों को तैनात किया गया है. इन कर्मचारियों की मदद से हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि धूल उड़ने से रोका जा सके. कई स्थानों पर स्मोक गन भी लगाई गई हैं जो हवा में मौजूद धूल को नियंत्रित करने का काम कर रही हैं.
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प्रदूषण रोकने के लिए हाईवे पर विशेष अभियान
NHAI के सदस्य आलोक दीपांकर ने बताया कि इन गतिविधियों की निगरानी के लिए जियो टैगिंग और CCTV कैमरों का सहारा लिया जा रहा है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी उपाय प्रभावी ढंग से लागू हों.
प्राधिकरण का दावा है कि पिछले एक वर्ष में दिल्ली-NCR के विभिन्न हाईवे कॉरिडोरों पर 9 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं. इनमें द्वारका एक्सप्रेसवे, DND-सोहना कॉरिडोर और दिल्ली-देहरादून हाईवे प्रमुख हैं. खास बात यह है कि इन परियोजनाओं में दिल्ली से निकले 13 लाख टन से अधिक कचरे का उपयोग सड़क किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने और लैंडस्केपिंग में किया गया है.
157 किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर 900 कर्मचारी तैनात
वहीं, हाईवे पर लगने वाले जाम और प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों के लिए लोगों को ग्रीन दिल्ली ऐप का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि यातायात को सुचारु बनाकर भी प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है.
उधर, CAQM की बैठक में पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों पर चिंता जताई गई है. राज्यों को जागरूकता बढ़ाने, ड्रोन से निगरानी करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
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