देश में सुधारों की गति तेज करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर सभी मंत्रालय रिफॉर्म के लिए जुटे हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह कैबिनेट सचिव सभी सचिवों से इसकी प्रगति के बारे में रिपोर्ट मांग सकते हैं. इसे रिफॉर्म उत्सव का नाम दिया गया है जिसमें हर मंत्रालय को इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देनी होगी.
वैसे तो इस पर पिछले डेढ़ दो महीने से काम चल रहा है लेकिन दो अक्टूबर से इस काम ने गति पकड़ी है. सूत्रों के मुताबिक, हर मंत्रालय से कहा गया है कि वे एक दो बड़े मुद्दों की पहचान करें जहां तुरंत रिफॉर्म लागू किया जा सकता है.
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इसके तहत प्रक्रियात्मक और संस्थागत सुधार करने को कहा गया है. कई मंत्रालयों ने ऐसे विषयों का चयन कर उनसे जुड़े हितधारकों से चर्चा भी पूरी कर ली है. अगले सप्ताह कैबिनेट सचिव के साथ सभी सचिवों की बैठक संभावित है जिसमें यह रिपोर्ट दी जाएगी. सूत्रों के अनुसार इसके आधार पर मंत्रालयों के प्रदर्शन का आकलन भी होगा. सुधारों के लिए कहा गया है कि ऐसे सुधारों को प्राथमिकता दी जाए जिनसे ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस में मदद मिल सके.
जिन मंत्रालयों में कानूनी दांवपेंच शामिल है वहां अदालत की कार्रवाई में अपनी ओर से तेजी लाने को भी कहा गया है. उदाहरण के तौर पर जहां भूमि अधिग्रहण का प्रश्न आता है वहां मामले लंबे समय तक लटके नहीं रहने चाहिए.
सूत्रों के अनुसार शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए यह रिफॉर्म उत्सव होगा. सूत्रों के अनुसार, सभी मंत्रालयों को निर्देश दिए ग हैं कि वे वर्तमान में चल रही योजनाओं, उनकी वास्तविक प्रगति, जनता को मिल रहे प्रत्यक्ष लाभ के साथ-साथ भविष्य के लिए प्रस्तावित कार्ययोजनाओं पर एक व्यापक रिपोर्ट भी तैयार करें.
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