प्रतीकात्मक फोटो.
देहरादून:
अदालत ने गुरुवार को यहां दिल्ली के सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी को 7 वर्ष पहले पत्नी की हत्या करने और उसके शव के टुकडे़-टुकडे़ करके डीप फ्रीजर में रखने के जुर्म में दोषी करार दिया है. 'डीप फ्रीजर हत्याकांड' के नाम से चर्चित इस मामले में गुलाटी को धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (साक्ष्य छुपाने) के तहत दोषी ठहराते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) विनोद कुमार ने कहा कि वह इस मामले में सजा कल सुनाएंगे.
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18 अगस्त को पूरी हुई थी बहस
संयुक्त निदेशक (कानून) जेएस बिष्ट ने बताया कि मामले में अंतिम बहस 18 अगस्त को पूरी हुई थी. इस मामले में दंपति के चार वर्ष के जुड़वां बच्चों की गवाही भी हुई थी. दिल दहलाने वाले इस हत्याकांड का खुलासा 11 दिसंबर, 2010 को घटना के करीब दो माह बाद हुआ था. डीप फ्रीजर से अनुपमा के शव के कुछ टुकडे़ पुलिस ने बरामद किए थे, जबकि कुछ टुकडे वह पहले ही पॉलीथीन में रखकर मसूरी रोड पर नाले में फेंक आया था.
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दिल्ली का रहने वाला है राजेश
अभियोजन पक्ष के अनुसार, राजेश की प्रेमिका को लेकर दंपति के बीच अक्सर झगड़े होते थे और 17 अक्टूबर 2010 को दोनों में झगडे़ के दौरान अनुपमा का सिर बेड से लग गया और वह बेहोश हो गई. इसके बाद राजेश ने तकिया रखकर उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. अगले दिन राजेश ने डीप फ्रीजर खरीदा और उसमें अनुपमा की लाश को छुपा दिया. बाद में उसने अनुपमा के शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें पॉलीथीन में भरकर धीरे—धीरे मसूरी रोड पर नाले में फेंकता रहा. हालांकि, उसके सभी टुकडों को ठिकाने लगाने से पहले ही मामले का खुलासा हो गया. मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला राजेश गुलाटी 2008 में देहरादून शिफ्ट हुआ था.
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18 अगस्त को पूरी हुई थी बहस
संयुक्त निदेशक (कानून) जेएस बिष्ट ने बताया कि मामले में अंतिम बहस 18 अगस्त को पूरी हुई थी. इस मामले में दंपति के चार वर्ष के जुड़वां बच्चों की गवाही भी हुई थी. दिल दहलाने वाले इस हत्याकांड का खुलासा 11 दिसंबर, 2010 को घटना के करीब दो माह बाद हुआ था. डीप फ्रीजर से अनुपमा के शव के कुछ टुकडे़ पुलिस ने बरामद किए थे, जबकि कुछ टुकडे वह पहले ही पॉलीथीन में रखकर मसूरी रोड पर नाले में फेंक आया था.
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दिल्ली का रहने वाला है राजेश
अभियोजन पक्ष के अनुसार, राजेश की प्रेमिका को लेकर दंपति के बीच अक्सर झगड़े होते थे और 17 अक्टूबर 2010 को दोनों में झगडे़ के दौरान अनुपमा का सिर बेड से लग गया और वह बेहोश हो गई. इसके बाद राजेश ने तकिया रखकर उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. अगले दिन राजेश ने डीप फ्रीजर खरीदा और उसमें अनुपमा की लाश को छुपा दिया. बाद में उसने अनुपमा के शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें पॉलीथीन में भरकर धीरे—धीरे मसूरी रोड पर नाले में फेंकता रहा. हालांकि, उसके सभी टुकडों को ठिकाने लगाने से पहले ही मामले का खुलासा हो गया. मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला राजेश गुलाटी 2008 में देहरादून शिफ्ट हुआ था.
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