गुरुग्राम के बहुचर्चित जज के बेटे और पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी गनमैन महिपाल को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. बता दें कि जिला अदालत ने आरोपी महिपाल को आईपीसी की धारा 302, 201, 17 और ऑर्म्स एक्ट-27 के तहत दोषी करार दिया है. वहीं आज इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई हैं. आपको बता दें कि साल 2018 में हाई प्रोफाइल केस में आरोपी महिपाल ने एडिशनल जज के बेटे और पत्नी को गोलियां मारी थी, जिसके बाद दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
13 अक्टूबर 2018 को गुरुग्राम में हुए इस हत्याकांड से पूरा देश सन्न रह गया था. संभवत हरियाणा के इतिहास का यह पहला मामला था जिस मामले में लोगों ने खुद सामने आकर की गवाही दी. इस हत्याकांड में 81 लोगों ने अपने नाम गवाह के रूप में दर्ज कराए थे. इनमें से 67 लोगों की गवाही कराई गई. एक साल के भीतर गवाही की प्रक्रिया पूरी हो गई.
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2018 को हिसार निवासी तत्कालीन जज कृष्णकांत की पत्नी रितु और बेटा ध्रुव सेक्टर 49 स्थित आर्केडिया मार्केट में शॉपिंग करने के लिए पहुंचे थे. यहां पर वापस आने के बाद गनमैन ने चाबी मांगी थी, इसी विवाद में महिपाल ने गोलियां चला दी थी, जिसमें दो-दो गोलियां लगी थी. इस घटना के बाद आरोपी बर्खास्त गनमैन महिपाल ने बेटे ध्रुव को गाड़ी में डालने की भी कोशिश की थी और वहां पर मौजूद लोगों ने बाद में दोनों को मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया था, लेकिन दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था.
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