इस पूरे मामले को देखकर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चकरा गए हैं.
नई दिल्ली:
उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में एक घर में 11 लोगों की मौत से जुड़े रहस्य से पर्दा उठाने के प्रयास में जुटी पुलिस को नोट्स से संकेत मिले हैं कि हो सकता है कि भाटिया परिवार ‘‘ बड़ तपस्या ’’ करने का प्रयास कर रहा हो. पुलिस ने कहा कि घर के अंदर एक मंदिर में मिले दो रजिस्टर में लिखे नोट्स में ‘मोक्ष’ ‘बड़ तपस्या’ और ‘शून्य’ का जिक्र है. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि नोट्स में लिखा था कि अगर कोई कुछ खास रीतियों का पालन करता है तो उनकी समस्याएं सुलझती हैं और भगवान खुश होता है. ऐसा लगता है कि रीतियां गड़बड़ हो गयीं. नोट्स में जिक्र है, 'स्टूल पर चढ़ने, चेहरे को ढकने, मुंह पर टेप लगाने और गले पर चुन्नी लपेटने के बाद कैसे नीचे उतरकर अन्य की मदद करनी है'. नोट्स में अनुष्ठान शुरू होने से पहले जाप करने का तथा ‘शून्य’ के बारे में सोचने का जिक्र भी है ताकि उनके मन में अन्य विचार नहीं आये. पुलिस बेटे ललित को इस पूरे का मास्टरमाइंड समझ रही है. वह दावा किया करता था कि वो सपने में अपने पिता गोपालदास से बात करता था. गोपालदास की मौत 10 साल पहले हो चुकी है. उसके मुताबिक पिता जैसा बोलते थे वो वो सारी बातें वो रजिस्टर में लिखता था. उसके एक जगह लिखा है "मैं कल या परसों आऊंगा,नहीं आ पाया तो फिर बाद में आऊंगा,ललित की चिंता मत करो तुम लोग,मैं जब आता हूँ ये थोड़ा परेशान हो जाता है,माँ सबको रोटी रोटी खिलाएगी"
बुराड़ी कांड: 11 लोगों की मौत के मामले में 2 दिन में हुए ये 11 खुलासे

मनोचिकित्सकों की राय
इस पूरे मामले को देखकर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चकरा गए हैं. उनका कहना है कि सामूहिक आत्महत्या करने वाले लोगों में ‘समानताएं’ पायी जाती है और उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले के खुलासे के लिए ‘मनोवैज्ञानिक अंत्य परीक्षण’ कराया जाए. सरल शब्दों में मनोवैज्ञानिक अंत्यपरीक्षण का मतलब है कि पीड़ितों के रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से मिलकर पता लगाया जाए कि क्या कोई पैटर्न था, क्या वे एक सी किताब पढ़ रहे थे या समान विषय वाली पुस्तक पढ़ रहे थे या किसी संप्रदाय का हिस्सा थे या किसी तांत्रिक के प्रभाव में थे'.
दीवार में 11 पाइप और रौशनदान में 11 एंगल
बुराड़ी के जिस घर में एक साथ एक ही परिवार के 11 लोग मौत के मुंह में समा गए, उस घर की दीवार में 11 पाइप लगे हैं. आमतौर पर किसी घर की दीवार में इस तरह पाइप नहीं लगे होते, क्योंकि न तो इनसे पानी की कोई निकासी है और न ही एक साथ इतने पाइप की कोई जरूरत है. इसके अलावा एक रौशनदान भी मिला है जिसमें 11 एंगल मिले हैं.
नेशनल रिपोर्टर : कैसे सुलझेगा 11 मौतों का रहस्य
रिश्तेदारों ने बात अंधविश्वास की बात नकारी
वहीं, परिवार के एक रिश्तेदार सुजाता ने कहा कि 'लोग अंधविश्वास की बात कह रहे हैं. मैं बता दूं कि ऐसा कुछ नहीं था. मेरे परिवार के लोग धार्मिक थे, लेकिन किसी बाबा, तंत्र-मंत्र के चक्कर में शामिल नहीं थे. परिवार में सब लोग खुश थे और उनके ऊपर कोई दबाव नहीं था.
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मनोचिकित्सकों की राय
इस पूरे मामले को देखकर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चकरा गए हैं. उनका कहना है कि सामूहिक आत्महत्या करने वाले लोगों में ‘समानताएं’ पायी जाती है और उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले के खुलासे के लिए ‘मनोवैज्ञानिक अंत्य परीक्षण’ कराया जाए. सरल शब्दों में मनोवैज्ञानिक अंत्यपरीक्षण का मतलब है कि पीड़ितों के रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से मिलकर पता लगाया जाए कि क्या कोई पैटर्न था, क्या वे एक सी किताब पढ़ रहे थे या समान विषय वाली पुस्तक पढ़ रहे थे या किसी संप्रदाय का हिस्सा थे या किसी तांत्रिक के प्रभाव में थे'.
दीवार में 11 पाइप और रौशनदान में 11 एंगल
बुराड़ी के जिस घर में एक साथ एक ही परिवार के 11 लोग मौत के मुंह में समा गए, उस घर की दीवार में 11 पाइप लगे हैं. आमतौर पर किसी घर की दीवार में इस तरह पाइप नहीं लगे होते, क्योंकि न तो इनसे पानी की कोई निकासी है और न ही एक साथ इतने पाइप की कोई जरूरत है. इसके अलावा एक रौशनदान भी मिला है जिसमें 11 एंगल मिले हैं.नेशनल रिपोर्टर : कैसे सुलझेगा 11 मौतों का रहस्य
रिश्तेदारों ने बात अंधविश्वास की बात नकारी
वहीं, परिवार के एक रिश्तेदार सुजाता ने कहा कि 'लोग अंधविश्वास की बात कह रहे हैं. मैं बता दूं कि ऐसा कुछ नहीं था. मेरे परिवार के लोग धार्मिक थे, लेकिन किसी बाबा, तंत्र-मंत्र के चक्कर में शामिल नहीं थे. परिवार में सब लोग खुश थे और उनके ऊपर कोई दबाव नहीं था.
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