क्या 'अहमदाबाद स्टेडियम की पिच' खराब थी? जानें ICC का नियम

इंग्लैंड की हार के बाद सोशल मीडिया पर पूर्व क्रिकेट पंडित अहमदाबाद की पिच (Ahmedabad Pitch) को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. अहमदाबद की पिच को लेकर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है.

क्या 'अहमदाबाद स्टेडियम की पिच' खराब थी? जानें ICC का नियम

क्या 'अहमदाबाद स्टेडियम की पिच' खराब थी? जानें ICC का नियम

IND vs ENG: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 2 दिन में हरा दिया. टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम अब 2-1 से इंग्लैंड से आगे हो गई है. इंग्लैंड की हार के बाद सोशल मीडिया पर पूर्व क्रिकेट पंडित अहमदाबाद की पिच (Ahmedabad Pitch) को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. अहमदाबद की पिच को लेकर इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी पिच को लेकर ट्वीट किया और इसे टेस्ट क्रिकेट के लिए सही करार नहीं दिया. टेस्ट मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने पिच को लेकर बात की औऱ कहा कि पिच खराब था या नहीं इसका फैसला आईसीसी को करना है. इतना ही नहीं भारतीय पूर्व क्रिकेटरों ने भी पिच को लेकर ट्वीट किए और इसे खराब बताया. ऐसे में जानते हैं खराब पिच करार दिए जाने के नियम क्या है और आईसीसी ने इसके लिए क्या सजा निर्णारित की है. 

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क्या कहते हैं नियम

# आईसीसी के द्वारा बनाए गए नियम के अनुसार खराब पिच वैसा होता है जिसपर बल्लेबाजी गेंदबाजी के लिए मुकाबला संतुलित न हो. अगर पिच पर बल्लेबाज आसानी के साथ रन बना रहे है और गेंदबाजों को कई भी मदद न मिले तो ऐसी पिच को आईसीसी खराब पिच घोषित कर सकती है. अगर गेंदबाजों को पिच पर काफी मदद है और बल्लेबाज बल्लेबाजी करने में पूरी तरह से असहमत नजर आ रहे हैं. तो इस मामले में आईसीसी पिच को खराब करार दे सकती है. 
 
# पिच पर स्पिनरों को खूब मदद मिल रही है और बल्लेबाजों को बल्लेबाजी करने में परेशानी आ रही है तो ऐसी पिच को खराब श्रेणियों में गिना जा सकता है. इसके अलावा तेज गेंदबाजों को भी पिच से काफी मदद मिल रही है और बल्लेबाज के लिए ज्यादा से ज्यादा मुश्किल हालात पैदा हो रहे हैं तो भी ऐसी पिच को खराब पिच घोषित किया जा सकता है. 

# पिच की खराब रेटिंग आईसीसी उस हालात में देती है जब पिच पर स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही है खासतौर से मैच के शुरुआती दिनों में काफी मदद मिलती है. इसके अलावा एशिया की पिचों को इससे थोड़ी राहत मिलती है.

# एशियाई पिच पर स्पिनरों को मदद मिलना स्वीकार्य है लेकिन इन पिचों पर असमान उछाल स्वीकार्य मंजूर नहीं है. 

खराब पिच की रेटिंग मिलने पर मेजबान स्थल को दो साल तक का बैन लगाया जा सकता है
यदि आईसीसी ने किसी पिच को खराब रेटिंग दे दी है तो उस पिच पर 2 साल के लिए मैच नहीं कराएं जाएंगे. अगर कोई स्टेडियम पांच डीमेरिट अंक तक पहुंचता है तो आईसीसी उसकी मान्यता 12 महीने यानि एक साल तक बैन करती है. वहीं 10 डीमेरिट अंकों पर 2 साल तक उस स्टेडियम में मैच नहीं हो सकता.

2018 के वांडरर्स की पिच को आईसीसी ने खराब पिच घोषित की थी. वैसे साल 2018 के बाद से आईसीसी ने अबतक किसी पिच को खराब करार नहीं दिया है. 

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खराब पिच की रेटिंग मिलने पर मेजबान स्थल को दो साल तक का बैन लगाया जा सकता है

यदि आईसीसी ने किसी पिच को खराब रेटिंग दे दी है तो उस पिच पर 2 साल के लिए मैच नहीं कराएं जाएंगे. अगर कोई स्टेडियम पांच डीमेरिट अंक तक पहुंचता है तो आईसीसी उसकी मान्यता 12 महीने यानि एक साल तक बैन करती है. वहीं 10 डीमेरिट अंकों पर 2 साल तक उस स्टेडियम में मैच नहीं हो सकता.


बता दें कि 2018 के वांडरर्स की पिच पर बल्लेबाजो को काफी चोट लगी थी. पिच पर गेंदबाजों को असमान्य उछाल मिली थी. मैच में 296 ओवर फेंके गए थे. टेस्ट मैच के तीसरे दिन बुमराह की एक घातक बाउंसर गेंद डीन एल्गर को लगी थी, जिसके बाद अंपायर ने मैच को कुछ देर के लिए रोक दिया था. 

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