
नई दिल्ली:
रांची में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया तीसरे टेस्ट मैच ड्रा हो गया है. इस मैच को ड्रॉ कराने में कई खिलाड़ियों का योगदान रहा. एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत इस मैच को अपनी झोली में डाल लेगा. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तरफ से शेन मार्श और पीटर हैंड्सकॉम्ब ने दीवार की तरह भारतीय गेंदबाजों का सामना किया और ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरे पारी में हीरो साबित हुए. पहले पारी में भारत के लिए पांच विकेट लेने वाले रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट तो हासिल किए लेकिन मार्श और हैंड्सकॉम्ब के ऊपर उनकी गेंदबाजी का कोई असर नहीं हुआ. इस मैच में अश्विन भी विफल रहे. इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 451 रन बनाए और इसके जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 9 विकेट पर 603 रन का एक विशाल स्कोर खड़ा किया. ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी में छह विकेट पर 204 बनाते हुए मैच ड्रॉ करने में कामयाब हुआ.
पुजारा का टेस्ट करियर का सबसे धीमा दोहरा शतक
इस टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा ने अपने टेस्ट करियर का सबसे धीमा दोहरा शतक लगाया और इस मामले में राहुल द्रविड़ और नवजोत सिंह सिद्धु को पीछे छोड़ दिया. पुजारा का टेस्ट करियर का यह तीसरा दोहरा शतक है. वर्ष 2012 में पुजारा ने अपने टेस्ट करियर में पहला दोहरा शतक लगाया था. इंग्लैंड के खिलाफ इस मैच में 389 गेंदों का सामना करते हुए करीब 53 की स्ट्राइक रेट से पुजारा ने 206 रन बनाए थे. साल 2013 में पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 341 गेंदों का सामना करते हुए करीब 60 के स्ट्राइक रेट से 204 रन बनाए थे. रांची में पुजारा ने 202 बनाने के लिए 502 गेंदों का सामना किया यानी पुजारा भारत की पारी के अकेले 84 ओवर खेले और उनका स्ट्राइक रेट 38.47 रहा. विकेटकीपर रिद्धिमान शाह ने भी शानदार खेलते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट टेस्ट शतक ठोका. शाह ने 233 गेंदों का सामना करते हुए 107 रन बनाए. पुजारा और शाह के बीच 468 गेंदों पर 199 रन की साझेदारी हुई. पुजारा और शाह ने भारत के दूसरी पारी के कुल मिलाकर 122 ओवर खेले.
धीमी पारी के मामले में मार्श और हैंड्सकॉम्ब पुजारा को पीछे छोड़ दिए
सिर्फ पुजारा नहीं, मार्श और हैंड्सकॉम्ब भी ऑस्ट्रेलिया के दूसरी पारी में काफी धीमा खेले और पुजारा को पीछे छोड़ दिए. दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रहा. सिर्फ 63 रन पर ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट गंवा दिए थे. जिसमें कप्तान स्मिथ, डेविड वार्नर का विकेट भी शामिल था. लेकिन शेन मार्श और हैंड्सकॉम्ब के बीच पांचवे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी हुई. यह 124 रन बनाने के लिए दोनों ने 371 गेंदों का सहारा लिया यानी करीब 62 ओवर खेले. मार्श ने 197 गेंदों का सामना करते हुए करीब 27 के स्ट्राइक रेट से 53 रन बनाए जबकि हैंड्सकॉम्ब ने 200 गेंदों का सामना करते हुए 36 स्ट्राइक रेट से 72 रन पर नाबाद रहे. दोनों की इस शानदार पारी के वजह से हारे हुए मैच को ड्रॉ करने में कामयाब रहा ऑस्ट्रेलिया.
टेस्ट क्रिकेट में यह रहीं सबसे तीन धीमी पारियां
टेस्ट क्रिकेट में गेंद के हिसाब से सबसे धीमी पारियों की बात की जाए तो पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज Alec Bannerman हैं. 1892 में सिडनी के मैदान पर Bannerman ने इंग्लैंड के खिलाफ 620 गेंदों का सामना करते हुए 91 रन बनाते हुए यह रिकॉर्ड कायम किया था. दूसरे स्थान पर एच कॉलिंस का नाम है. 1920 में मैनचेस्टर के मैदान पर कॉलिंस ने 340 गेंदों का सामना करते हुए 40 रन बनाए थे. तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद हैं. 1954 में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ हनीफ ने 223 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 20 रन बनाए थे.
पुजारा का टेस्ट करियर का सबसे धीमा दोहरा शतक
इस टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा ने अपने टेस्ट करियर का सबसे धीमा दोहरा शतक लगाया और इस मामले में राहुल द्रविड़ और नवजोत सिंह सिद्धु को पीछे छोड़ दिया. पुजारा का टेस्ट करियर का यह तीसरा दोहरा शतक है. वर्ष 2012 में पुजारा ने अपने टेस्ट करियर में पहला दोहरा शतक लगाया था. इंग्लैंड के खिलाफ इस मैच में 389 गेंदों का सामना करते हुए करीब 53 की स्ट्राइक रेट से पुजारा ने 206 रन बनाए थे. साल 2013 में पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 341 गेंदों का सामना करते हुए करीब 60 के स्ट्राइक रेट से 204 रन बनाए थे. रांची में पुजारा ने 202 बनाने के लिए 502 गेंदों का सामना किया यानी पुजारा भारत की पारी के अकेले 84 ओवर खेले और उनका स्ट्राइक रेट 38.47 रहा. विकेटकीपर रिद्धिमान शाह ने भी शानदार खेलते हुए अपने करियर का पहला टेस्ट टेस्ट शतक ठोका. शाह ने 233 गेंदों का सामना करते हुए 107 रन बनाए. पुजारा और शाह के बीच 468 गेंदों पर 199 रन की साझेदारी हुई. पुजारा और शाह ने भारत के दूसरी पारी के कुल मिलाकर 122 ओवर खेले.
धीमी पारी के मामले में मार्श और हैंड्सकॉम्ब पुजारा को पीछे छोड़ दिए
सिर्फ पुजारा नहीं, मार्श और हैंड्सकॉम्ब भी ऑस्ट्रेलिया के दूसरी पारी में काफी धीमा खेले और पुजारा को पीछे छोड़ दिए. दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रहा. सिर्फ 63 रन पर ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट गंवा दिए थे. जिसमें कप्तान स्मिथ, डेविड वार्नर का विकेट भी शामिल था. लेकिन शेन मार्श और हैंड्सकॉम्ब के बीच पांचवे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी हुई. यह 124 रन बनाने के लिए दोनों ने 371 गेंदों का सहारा लिया यानी करीब 62 ओवर खेले. मार्श ने 197 गेंदों का सामना करते हुए करीब 27 के स्ट्राइक रेट से 53 रन बनाए जबकि हैंड्सकॉम्ब ने 200 गेंदों का सामना करते हुए 36 स्ट्राइक रेट से 72 रन पर नाबाद रहे. दोनों की इस शानदार पारी के वजह से हारे हुए मैच को ड्रॉ करने में कामयाब रहा ऑस्ट्रेलिया.
टेस्ट क्रिकेट में यह रहीं सबसे तीन धीमी पारियां
टेस्ट क्रिकेट में गेंद के हिसाब से सबसे धीमी पारियों की बात की जाए तो पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज Alec Bannerman हैं. 1892 में सिडनी के मैदान पर Bannerman ने इंग्लैंड के खिलाफ 620 गेंदों का सामना करते हुए 91 रन बनाते हुए यह रिकॉर्ड कायम किया था. दूसरे स्थान पर एच कॉलिंस का नाम है. 1920 में मैनचेस्टर के मैदान पर कॉलिंस ने 340 गेंदों का सामना करते हुए 40 रन बनाए थे. तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद हैं. 1954 में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ हनीफ ने 223 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 20 रन बनाए थे.
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