- द हंड्रेड के ऑक्शन में पाकिस्तानी लेग-स्पिनर अबरार अहमद को दो करोड़ चौतीस लाख रुपये में खरीदा
- कोच डैनियल विटोरी ने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन न करने का कोई निर्देश नहीं दिया था
- विटोरी ने स्पष्ट किया कि अबरार अहमद टीम के लिए पहली पसंद थे
Daniel Vettori on Kavya Maran SRH Sign Abrar Ahmed in The Hundred: 'द हंड्रेड' (The Hundred) के ऑक्शन में इस बार जो हुआ, उसकी गूंज सरहद के इस पार भारत तक सुनाई दे रही है. सन टीवी नेटवर्क की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी लेग-स्पिनर अबरार अहमद को 2.34 करोड़ रुपये (£1,90,000) में खरीदकर इतिहास तो रच दिया, लेकिन फैंस के बीच एक नई जंग छेड़ दी है. इस पूरे विवाद के बीच सनराइजर्स के कोच डैनियल विटोरी का एक बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने इस बहस को और तीखा कर दिया है.
अबरार पहली पसंद थे - विटोरी
ऑक्शन के बाद जब विटोरी से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने पर मची हलचल के बारे में पूछा गया, BBC से बातचीत में उन्होंने बड़ी सफाई से गेंद मैनेजमेंट के पाले में डाल दी. न्यूजीलैंड के इस दिग्गज ने कहा, "मुझे पता था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर बाहर क्या अटकलें चल रही हैं, लेकिन हमें मैनेजमेंट की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला था कि हम उन्हें साइन न करें."
उन्होंने कहा, "हम नीलामी में हर उस खिलाड़ी को रडार पर रखकर आए थे जो हमारे लिए उपलब्ध था. जैसे ही विकल्प खुला, हमारे पास कई इंटरनेशनल स्पिनर्स के नाम थे, लेकिन अबरार अहमद हमारी पहली पसंद थे."
काव्या मारन पर भड़के फैंस, विटोरी ने खोला राज
जैसे ही यह खबर आई कि सनराइजर्स ने एक पाकिस्तानी खिलाड़ी पर इतनी बड़ी बोली लगाई है, सोशल मीडिया पर काव्या मारन को लेकर नाराजगी दिखने लगी. फैंस का तर्क है कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीम को ऐसा नहीं करना चाहिए था. लेकिन विटोरी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि सनराइजर्स की 'कोर टीम' ने अबरार को खरीदने का मन पहले ही बना लिया था और उन्हें ऊपर से कोई 'रोक-टोक' नहीं थी.
नीलामी की सबसे बड़ी 'बिडिंग वॉर'
अबरार का बेस प्राइज महज 92.5 लाख रुपये था, लेकिन उन्हें पाने की होड़ इतनी मची कि सनराइजर्स को ट्रेंट रॉकेट्स से लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी. अंत में ₹2.34 करोड़ की भारी-भरकम राशि देकर सनराइजर्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया.