India vs South Africa 1st ODI: भारत और साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) के बीच जोहानिसबर्ग के न्यू वांडर्स में खेले गए पहले मैच में टीम केएल राहुल ने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को बहुत ही आसानी से 8 विकेट से हरा दिया. हालांकि, पहली पाली में दक्षिण अफ्रीका के 116 पर ऑलआउट होने के बाद ही बहुत हद तक मैच की तस्वीर साफ हो गई. और इस पर बाद में लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने 16.4 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर जीत पर मुहर लगा दी. हालांकि, लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत जरूर खराब रही थी, जब ऋतुराज गायकवाड़ (5) जल्द ही पवेलियन लौट गए. यहां से करियर का पहला मैच खेल रहे साई सुदर्शन (नाबाद 55 रन, 43 गेंद, 9 चौके) ने दिखाया कि क्यों उन्हें भविष्य का बड़ा बल्लेबाज कहा जा रहा है, तो अनुभवी श्रेयस अय्यर (52 रन, 45 गेंद, 6 चौके, 1 छक्के) ने भी दिखाया कि भले ही उन्हें इलेवन से अंदर बाहर किया जाता रहा है, लेकिन उनका मूड कभी भी खराब नहं होता, इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए दूसरे विकेट के लिए 88 रन जोड़कर जीत को आसान बना दिया. वास्तव में साई सुदर्शन ने दिलकश शॉट लगाए और दिखाया कि उनके पास जरूरी डिफेंसिव तकनीक भी है, तो वह स्ट्रोक भी खेलना बखूबी जानते हैं. और इनके प्रयासों से भारत ने 16.4 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया.
(SCORECARD)
विश्व कप के बाद अपना पहला एकदिनी खेल रहे भारत ने 27.3 ओवर के अंदर महज 116 रन पर दक्षिण अफ्रीका की पारी को समेटने के बाद सिर्फ 16.4 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया. राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण कर रहे साई सुदर्शन ने लक्ष्य का पीछा करने के दौरान अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करते हुए 43 गेंद में नौ चौके की मदद से नाबाद 55 रन बनाये. उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ दूसरे विकेट के लिए 73 गेंद में 88 रन की साझेदारी की. अय्यर ने 45 गेंद की पारी में छह चौके और एक छक्के की मदद से 52 रन बनाए.
बायें हाथ के बल्लेबाज सुदर्शन ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ कुछ शानदार ड्राइव और बैकफुट पंच लगाने के साथ स्पिनरों के खिलाफ कदमों का अच्छा इस्तेमाल कर यह दर्शाया की भारतीय क्रिकेट जगत में उन्हें भविष्य का खिलाड़ी क्यों माना जा रहा है. अय्यर इस मैच के बाद टेस्ट टीम से जुड़ जाएंगे और उन्होंने भी अपने मौके का पूरा फायदा उठाकर आक्रामक बल्लेबाजी की. दक्षिण अफ्रीका के लिए एंडिले फेहलुकवायो ने 33 और सलामी बल्लेबाज टोनी डी जोरजी ने 28 रन का योगदान दिया. मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में युवा भारतीय तेज गेंदबाजों के सामने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज असहज नजर आये. अर्शदीप, आवेश और मुकेश कुमार (सात ओवर में बिना किसी सफलता के 46 रन) की तिकड़ी ने इस मैच से पहले कुल सात विकेट लिये थे लेकिन इस मैच में ही उन्होंने नौ विकेट साझा किये.
मुकेश को हालांकि किस्मत का साथ नहीं मिला. पारी की पहली ही गेंद पर पगबाधा की उनकी अपील को मैदानी अंपायर ने खारिज कर दिया और टीम ने रिव्यू नहीं लेने का फैसला किया. रीप्ले में हालांकि रीजा हेंड्रिक्स आउट दिख रहे थे. दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के खिलाफ कोलकाता में अपने पिछले एकदिवसीय (विश्व कप) में महज 83 रन पर आउट हो गई थी.
भारत के लिए विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम के सिर्फ तीन खिलाड़ी कप्तान केएल राहुल, कलाई के स्पिनर कुलदीप और मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर इस मैच का हिस्सा है. ऐसे में टीम के युवा तेज गेंदबाजों ने अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया. भारतीय गेंदबाजों ने यह सुनिश्चित किया कि दक्षिण अफ्रीका के ज्यादातर बल्लेबाजों को क्रीज से बाहर निकलने या बैकफुट पर जाने का मौका नहीं मिले. इस दौरान अर्शदीप और आवेश दोनों के पास हैट्रिक विकेट लेने का मौका था, लेकिन वे चूक गये.
अर्शदीप पारी के दूसरे ओवर में लगातार गेंदों पर हेंड्रिक्स और रासी वान डर डुसेन को खाता खोले बगैर आउट करने के बाद पावरप्ले के अंदर चार विकेट चटकाये. इसमें आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले टोनी डी जोरजी (28) और हेनरिक क्लासेन (06) का विकेट भी शामिल है. जोरजी ने 22 गेंद की अपनी पारी में दो चौके और दो छक्के लगाये. पावरप्ले के बाद गेंदबाजी आक्रमण पर आये आवेश ने अपनी पहली गेंद पर कप्तान एडेन मार्कराम (12) को अंदर आती गेंद पर बोल्ड किया और फिर अपनी तेज गति से अनुभवी डेविड मिलर (02) को चकमा देकर चलता किया। वियान मुलडर (शून्य) और केशव महाराज (04) को भी आवेश की गति से सामंजस्य बैठाने में परेशानी हुई. आठवें क्रम के बल्लेबाज फेहलुकवायो ने 33 रन की पारी खेलकर टीम के स्कोर को 100 रन के पार पहुंचाया। वह 49 गेंद की पारी में तीन चौके और दो छक्के लगाने के बाद अर्शदीप सिंह का पांचवां शिकार बने. आखिरी बल्लेबाज तबरेज शम्सी (नाबाद 11) दहाई के आंकड़े में रन बनाने वाले टीम के चौथे बल्लेबाज बने.
पहले वनडे में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाी करने का फैसला किया था लेकिन साउथ अफ्रीकी कप्तान का यह फैसला गलत साबित हुआ है और एक के बाद एक बल्लेबाज पेवलियन लौट गए. साउथ अफ्रीका 116 रन पर आउट हो गई. भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने कमाल किया और 5 विकेट लेने में सफल रहे तो वहीं आवेश खान ने 4 विकेट लेने में सफलता हासिल की है. कुलदीप यादव को एक विकेट मिला. भारतीय इलेवन (India Playing XI) में साई सुदर्शन (Who is Sai Sudharsan) ने करियर का आगाज तो किया ही, तो वहीं उन्होंने नाबाद अर्द्धशतक जड़कर इसे यादगार भी बना दिया. मैच में खेलीं दोनों टीमोें की फाइनल XI इस प्रकार रहीं:
साउथ अफ्रीका (प्लेइंग इलेवन) (South Africa Playing 11): रीज़ा हेंड्रिक्स, टोनी डी ज़ोरज़ी, रासी वैन डेर डुसेन, एडेन मार्कराम (कप्तान), हेनरिक क्लासेन (डब्ल्यू), डेविड मिलर, वियान मुल्डर, एंडिले फेहलुकवायो, केशव महाराज, नंद्रे बर्गर, तबरेज़ शम्सी
भारत (प्लेइंग इलेवन) (India Africa playing 11): केएल राहुल (विकेटकीपर/कप्तान), रुतुराज गायकवाड़, साई सुदर्शन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, अवेश खान, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार