सुनील गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ी ये यह नहीं कह सकते कि मुझे ये कोच चाहिए...
- अनिल कुंबले ने टीम इंडिया के कोच के पद से इस्तीफ़ा दिया
- गवास्कर ने कहा कि मुझे बहुत बुरा लगा कि कुंबले ने यह कदम उठाया
- कहा - खिलाड़ियों की मांग गलत है, अनुशासन में रहें
नई दिल्ली:
अनिल कुंबले ने टीम इंडिया के कोच के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. टीम इंडिया वेस्ट इंडीज़ के लिए रवाना हो गई लेकिन कुंबले टीम के साथ नहीं गए. कुंबले लंदन में आईसीसी की होने वाले सालाना कॉन्फ्रेंस में क्रिकेट कमेटी के अध्यक्ष की हैसियत से इसमें हिस्सा ले रहे हैं. आईसीसी की कॉन्फ़्रेंस 23 जून तक चलेगी और 23 तारीख को ही टीम इंडिया वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ दौरे का पहला वनडे मैच खेलेगी.
पहली प्रतिक्रिया देते हुए सुनील गवास्कर ने कहा कि मुझे बहुत बुरा लगा कि अनिल कुंबले ने यह कदम उठाया. अगर आप अनिल कुंबले के कोच बनने के बाद से भारतीय टीम के प्रदर्शन पर नजर दौड़ाएं तो पाएंगे कि उनके खेल में जबर्दस्त सुधार हुआ. उन्होंने विषम परिस्थितियों में काम करते हुए टीम को मजबूत किया ठीक वैसे ही जैसे वह अपने समय में खेल के मैदान पर अंतिम समय तक संघर्ष किया करते थे. यही वह चीज थी जो भारतीय टीम में दिखाई दी. हालांकि इस्तीफे की असली वजह एक दो दिन में स्पष्ट होगी. इस्तीफा देने की टाइमिंग को लेकर पूछे जाने पर सुनील ने कहा कि बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति ने तो उन्हें विस्तार देने की बात कही थी. पिछले 15 दिन से कप्तान कोहली से लेकर उनसे अनबन की खबर जरूर थी.
खिलाड़ी कभी यह नहीं कह सकते कि मुझे ये कोच चाहिए. खिलाड़ियों की मांग गलत है. खिलाड़ियों को अनुशासन में होना चाहिए. कोच खिलाड़ियों को मैच के लिए तैयार करता है. जिस तरह से भारतीय टीम ने पिछले एक साल से प्रदर्शन किया है, उसे लेकर सवाल नहीं उठाया जा सकता.
इतिहास दिखाता है कि जब भी कोच ने सख्ती बरती, उसके साथ अनबन की खबरें जरूर मीडिया में छाई रहीं. गवास्कर ने कहा कि जब कोई सफल होता है तो कोच के सामने कठिनाइयां खड़ी कर दी जाती हैं. वेस्टइंडीज में टीम इंडिया को बैटिंग कोच संजय बांगर संभाल सकते हैं. लेकिन श्रीलंका के साथ होने वाली आगामी सीरीज के लिए रेगुलर कोच की जरूरत होगी.
फ़िलहाल बीसीसीआई ने विंडीज़ दौरे के लिए डॉ. एमवी श्रीधर को टीम मैनेजमेंट की निगरानी की ज़िम्मेदारी सौंपी है. डॉ. एमवी श्रीधर क्रिकेट ऑपरेशंस के जनरल मैनेजर हैं. इसके अलावा संजय बांगड़ बैटिंग कोच और आर श्रीधर विंडीज़ दौरे पर फ़ील्डिंग कोच की भूमिका निभाते रहेंगे.
पहली प्रतिक्रिया देते हुए सुनील गवास्कर ने कहा कि मुझे बहुत बुरा लगा कि अनिल कुंबले ने यह कदम उठाया. अगर आप अनिल कुंबले के कोच बनने के बाद से भारतीय टीम के प्रदर्शन पर नजर दौड़ाएं तो पाएंगे कि उनके खेल में जबर्दस्त सुधार हुआ. उन्होंने विषम परिस्थितियों में काम करते हुए टीम को मजबूत किया ठीक वैसे ही जैसे वह अपने समय में खेल के मैदान पर अंतिम समय तक संघर्ष किया करते थे. यही वह चीज थी जो भारतीय टीम में दिखाई दी. हालांकि इस्तीफे की असली वजह एक दो दिन में स्पष्ट होगी. इस्तीफा देने की टाइमिंग को लेकर पूछे जाने पर सुनील ने कहा कि बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति ने तो उन्हें विस्तार देने की बात कही थी. पिछले 15 दिन से कप्तान कोहली से लेकर उनसे अनबन की खबर जरूर थी.
खिलाड़ी कभी यह नहीं कह सकते कि मुझे ये कोच चाहिए. खिलाड़ियों की मांग गलत है. खिलाड़ियों को अनुशासन में होना चाहिए. कोच खिलाड़ियों को मैच के लिए तैयार करता है. जिस तरह से भारतीय टीम ने पिछले एक साल से प्रदर्शन किया है, उसे लेकर सवाल नहीं उठाया जा सकता.
इतिहास दिखाता है कि जब भी कोच ने सख्ती बरती, उसके साथ अनबन की खबरें जरूर मीडिया में छाई रहीं. गवास्कर ने कहा कि जब कोई सफल होता है तो कोच के सामने कठिनाइयां खड़ी कर दी जाती हैं. वेस्टइंडीज में टीम इंडिया को बैटिंग कोच संजय बांगर संभाल सकते हैं. लेकिन श्रीलंका के साथ होने वाली आगामी सीरीज के लिए रेगुलर कोच की जरूरत होगी.
फ़िलहाल बीसीसीआई ने विंडीज़ दौरे के लिए डॉ. एमवी श्रीधर को टीम मैनेजमेंट की निगरानी की ज़िम्मेदारी सौंपी है. डॉ. एमवी श्रीधर क्रिकेट ऑपरेशंस के जनरल मैनेजर हैं. इसके अलावा संजय बांगड़ बैटिंग कोच और आर श्रीधर विंडीज़ दौरे पर फ़ील्डिंग कोच की भूमिका निभाते रहेंगे.
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