- द हंड्रेड 2026 पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट की पहली आधिकारिक नीलामी 12 मार्च को लंदन के पिकाडिली लाइट्स में हुई
- पाक लेग-स्पिनर अबरार अहमद को 1.9 लाख पाउंड में SRH ने खरीदा जो भारतीय मालिकाना हक वाली पहली फ्रेंचाइजी है
- बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि विदेशी लीग की साइनिंग पर बोर्ड का कोई नियंत्रण नहीं होता है
The Hundred Auction 2026 Controversy Abrar Ahmed vs SRH Leeds: लंदन के पिकाडिली लाइट्स में 12 मार्च को ‘द हंड्रेड 2026' के पुरुष टूर्नामेंट की नीलामी आयोजित की गई. यह इस प्रतियोगिता के इतिहास की पहली आधिकारिक नीलामी थी, जिसने इसे खास बना दिया. इससे एक दिन पहले 11 मार्च को महिला टूर्नामेंट की नीलामी भी पूरी की गई थी. पुरुषों की आठों टीमें रिटेंशन और डायरेक्ट साइनिंग की प्रक्रिया के बाद करीब £2.05 मिलियन के सैलरी कैप बजट के साथ नीलामी में उतरीं. नीलामी के लिए 700 से ज्यादा क्रिकेटरों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन उनमें से 243 खिलाड़ियों को ही अंतिम सूची में जगह मिली. इस सूची में जो रूट, एडेन मार्करम, ट्रेंट बोल्ट और फाफ डु प्लेसिस जैसे कई बड़े नाम शामिल थे. हर टीम को कुल 14 से 16 खिलाड़ियों का स्क्वाड तैयार करने की अनुमति दी गई थी.
क्या है ‘द हंड्रेड' लीग?
द हंड्रेड इंग्लैंड और वेल्स में खेलने वाली एक खास क्रिकेट लीग है, जिसमें हर टीम को 100 गेंद खेलने का मौका मिलता है. इस लीग का आयोजन इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड करता है और इसमें दुनिया भर के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं.
लंदन की लीग पर भारत में क्यों मचा हंगामा?
पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को जिस टीम ने खरीदा है, वह सनराइजर्स लीड्स है जिसका मालिक भारतीय मीडिया कंपनी सन टीवी नेटवर्क का सन ग्रुप है. यही ग्रुप सनराइजर्स हैदराबाद (IPL) और सनराइजर्स ईस्टर्न केप जैसी टीमों का भी मालिक है. यही वजह है कि इस फैसले पर भारत में फैंस के बीच चर्चा शुरू हो गई है और काव्या मारन को लेकर सोशल मीडिया पर भी फैंस अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग में साल 2009 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेला है और आम तौर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिक दूसरी लीगों में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से बचते रहे हैं.
16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों को किया गया था शॉर्टलिस्ट
नीलामी में पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. कुल 16 पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें दो महिला क्रिकेटर फातिमा सना और सादिया इकबाल भी शामिल थीं. दोनों की बेस प्राइस £15,000 थी, लेकिन उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला. पुरुष वर्ग में पाकिस्तान के 14 खिलाड़ी नीलामी का हिस्सा थे. इनमें शादाब खान, हारिस रऊफ, सईम अयूब, मोहम्मद आमिर और नसीम शाह जैसे बड़े नाम शामिल थे. हालांकि, इनमें से केवल दो खिलाड़ियों को ही टीम मिल पाई.
अबरार अहमद को कितने में खरीदा गया
इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड के मेंस ऑक्शन में पाकिस्तानी लेग-स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने साइन किया है. फ्रेंचाइजी ने अबरार पर 1,90,000 पाउंड (करीब 2.3 करोड़ रुपये) की बोली लगाई. इसके साथ ही वह किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा साइन किए गए पहले पाकिस्तानी इंटरनेशनल खिलाड़ी बन गए हैं. अबरार अहमद का बेस प्राइस 75,000 पाउंड (करीब 92.5 लाख रुपये) था. ऑक्शन के दौरान सनराइजर्स लीड्स और ट्रेंट रॉकेट्स के बीच कड़ी बोली लगी, लेकिन आखिर में सनराइजर्स लीड्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया.
सनराइजर्स लीड्स टीम का इंडिया कनेक्शन
सन ग्रुप ने हाल ही में द हंड्रेड की टीम नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स में बड़ी दावेदार खरीदी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने 49 प्रतिशत दावेदार ईसीबी से और बाकी 51 प्रतिशत दावेदार यॉर्कशायर से करीब 100 मिलियन पाउंड में खरीदी है. इसके बाद टीम को सनराइजर्स ब्रांड से जोड़ा गया.
अबरार पहली पसंद थे - कोच विटोरी
ऑक्शन के बाद जब विटोरी से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने पर मची हलचल के बारे में पूछा गया, BBC से बातचीत में उन्होंने बड़ी सफाई से गेंद मैनेजमेंट के पाले में डाल दी. न्यूजीलैंड के इस दिग्गज ने कहा, "मुझे पता था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर बाहर क्या अटकलें चल रही हैं, लेकिन हमें मैनेजमेंट की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला था कि हम उन्हें साइन न करें."
उन्होंने कहा, "हम नीलामी में हर उस खिलाड़ी को रडार पर रखकर आए थे जो हमारे लिए उपलब्ध था. जैसे ही विकल्प खुला, हमारे पास कई इंटरनेशनल स्पिनर्स के नाम थे, लेकिन अबरार अहमद हमारी पहली पसंद थे."
"हम कुछ नहीं कर सकते" - राजीव शुक्ला
'द हंड्रेड' ऑक्शन में पाकिस्तानी क्रिकेटर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा साइन किए जाने को लेकर मचे हंगामे के बीच, BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि बोर्ड इसमें दखल नहीं दे सकता, क्योंकि यह साइनिंग एक विदेशी लीग से जुड़ी है और इस पर फैसला फ्रेंचाइजी को ही लेना होगा. ANI से बात करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा, "यह हमारे अधिकार क्षेत्र (IPL) में नहीं है; उन्होंने यह किसी विदेशी लीग के लिए किया है. इस पर फैसला उन्हें ही लेना होगा; हम कुछ नहीं कर सकते."