राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Rajasthan Royals And Royal Challengers Bengaluru) टीम की मालिकाना हक अब बदल चुकी है. आईपीएल 2026 (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स की टीम अमेरिकी स्थित उद्यमी काल सोमानी के नेतृत्व वाली कंसोर्टियम की देख रेख में शिरकत करेगी, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की बागडौर अब आदित्य बिरला ग्रुप के हाथों में चली गई है. आरआर की टीम को काल सोमानी के नेतृत्व वाली कंसोर्टियम ने 1.63 बिलियन डॉलर (15 करोड़ रुपये से ज्यादा), जबकि आरसीबी की टीम को आदित्य बिरला ग्रुप ने 1.78 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹16,706 करोड़) में खरीदा है. दोनों फ्रेंचाइजी की राशि को मिला दें तो यह राशि लगभग 31,000 करोड़ रुपये होती है. इतनी बड़ी धनराशि को देखने के बाद हर किसी के दिमाग में एक सवाल आ रहा है. वह सवाल यह है कि इस राशि में बीसीसीआई की कितनी हिस्सेदारी होगी? अगर आपका भी यही सवाल है तो उसका जवाब हम लेकर आए हैं.
बीसीसीआई की देखरेख में होता है आईपीएल का संचालन
आईपीएल का संचालन बीसीसीआई की देखरेख में होता है. राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री के बाद बोर्ड को भी तगड़ा फायदा होने वाला है. खबरों के मुताबिक भारतीय बोर्ड को आरआर की बिक्री से करीब 1,550 और आरसीबी की बिक्री से करीब 1,583 करोड़ रुपये मितने वाले हैं. यानी दोनों टीमों से मिलाकर बोर्ड को करीब 3100 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होने वाली है.
नियमों के तहत 5% है ट्रांसफर फी
बीसीसीआई को ट्रांसफर फी के तहत यह राशि मिलने वाली है. नियमों के तहत ट्रांसफर फी 5% रखा गया है. जब किसी टीम का स्वामित्व बदलता है और उसे लाभ प्राप्त होता है, तो नियम के मुताबिक भारतीय क्रिकेट बोर्ड को कुछ वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है.
यह भी पढ़ें- IPL के फाइनल में हदें पार करता रोमांच: 1 रन से जीत, असंभव चेज; कैसे 'लास्ट बॉल थ्रिलर' ने बनाई लीग की पहचान?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं