- पर्थ में पहले टेस्ट में हार के बाद इंग्लैंड टीम ब्रिसबेन टेस्ट में जोरदार वापसी की तैयारी कर रही है
- तेज गेंदबाज मार्क वुड बाएं घुटने की समस्या के कारण ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर हो गए हैं
- 35 वर्षीय मार्क वुड पिछले 15 महीनों में इंजरी के कारण टेस्ट टीम में लौटे थे लेकिन कम खेल सके
पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम ब्रिसबेन में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट में जोरदार वापसी की कोशिश कर रही है. वापसी की कोशिश कर रही इंग्लैंड को तगड़ा झटका लगा है. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्क वुड ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर हो गए हैं. 35 साल के मार्क वुड का इंजरी से गहरा नाता रहा है. वह जितने दिन क्रिकेट में सक्रिय नहीं रहते उससे ज्यादा इंजरी की वजह से बाहर रहते हैं. वह पर्थ में टेस्ट इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे. वह इंजरी की वजह से लगभग 15 महीने बाद टेस्ट टीम में लौटे थे, लेकिन महज 11 ओवर गेंदबाजी कर सके. वुड ब्रिसबेन टेस्ट से बाएं घुटने में परेशानी की वजह से बाहर हुए हैं.
मार्क वुड ने शनिवार सुबह एलन बॉर्डर फील्ड में इंग्लैंड के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं लिया था. वह इंग्लैंड टीम में चुने गए एकमात्र सदस्य थे जो अभ्यास सत्र का हिस्सा नहीं थे. अभ्यास सत्र में उनका शामिल न होना इस बात का संकेत है कि वह गाबा टेस्ट से बाहर रहेंगे. वुड अपने करियर के आखिरी चरण में हैं. 35 साल या उसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के लिए खेलना मुश्किल होता है. इंजरी के बाद रिकवरी करते हुए वापसी करना और भी मुश्किल होता है. दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज की वापसी पर इंग्लैंड क्रिकेट टीम की निगाहें होंगी.
ब्रिसबेन की गाबा पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है. वुड अपनी गति और गेंदबाजी में विविधता से इंग्लैंड के लिए कारगर साबित हो सकते थे और पहले टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद दमदार वापसी में अहम भूमिका निभा सकते थे। उनका बाहर होना इंग्लैंड के लिए बड़ा झटका है. मार्क वुड की जगह जोश टंग को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जा सकता है.
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