टीम इंडिया का फाइल फोटो
- ऑस्ट्रेलिया जमीं पर...टीम विराट आसमान पर !
- विराट के वीरों ने कंगारुओं को धो डाला!
- प्रदर्शन ने लगाई 'काली जुबान' पर लगाम !
नई दिल्ली:
बात आज हम फिर से टीम इंडिया के साल 2017 में टेस्ट प्रदर्शन की अपनी तीसरी किश्त की चर्चा करेंगे. साल 2017 में भारत की धरती पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई सीरीज को अगर सर्वश्रेष्ठ करार दिया जाए, तो एक बार को गलत नहीं ही होगा. इस सीरीज में टीम स्टीव स्मिथ ही नहीं बल्कि पूर्व क्रिकेटरों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों ने बर्ताव के मामले में हदें बार कर दी, लेकिन तमाम चालों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया टीम की नहीं ही चली और टीम विराट ने उसे चार टेस्ट की सीरीज में 2-1 से हरा दिया.
विराट 'ट्रंप' कोहली
वैसे बॉर्डर-गावस्कर सीरज़ में खेल से ज़्यादा सुर्खियां बटोरी खिलाड़ियों के बीच तकरार ने. पूरी सीरीज़ के दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया लगातार विराट कोहली को निशाना बनाता रहा. ऑस्ट्रेलियाई अखबार डेली टेलीग्राफ़ ने कोहली की तुलना अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से कर डाली. अखबार ने आरोप लगाया कि कोहली न तो आईसीसी की सुनते हैं और न ही अपने बोर्ड की परवाह करते हैं. 13 साल से ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. सीरीज़ पर कब्ज़े के लिए कंगारू कितने बेचैन थे इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड भी "माइंड गेम" में कूद पड़ा. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख जेम्स सदरलैंड आगे बढ़कर खुद भारतीय कप्तान विराट कोहली पर निशान साधा.
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ऑस्ट्रेलिया के एक रेडियो कार्यक्रम के दौरान जब सदरलैंड से पूछा गया था कि क्या विराट को ऑस्ट्रेलियाई टीम से नाराजगी के लिए माफी मांगनी चाहिए, इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में उन्होने कहा, 'देखिए, मुझे नहीं लगता कि उन्हें सॉरी की स्पेलिंग आती भी है!'. विराट भी कहां चुप रहने वाले थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के हर तीखे सवाल का करारा जवाब दिया. कोहली पर हो रहे मनोवैज्ञानिक हमले के बीच भारतीय टीम पूरी तरह से अपने कप्तान के साथ खड़ी रही. टीम के बाकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन तो शानदार रहा पर तकरार ने विराट कोहली की बल्लेबाज़ी पर असर हुआ.
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मैदान के बाहर और भीतर की टिप्पणियों ने मानो उनकी एकाग्रता को भंग कर दिया है. तमाम विवादों के बीच ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ सबसे कामयाब बल्लेबाज़ रहे. वहीं भारतीय कप्तान विराट कोहली का फॉर्म और फ़िटनेस दोनों दगा देता नज़र आया. 3 टेस्ट की 5 पारियों में कोहली सिर्फ 46 रन बना पाए. रांची टेस्ट में फील्डिंग के दौरान उन्हें कंधे में चोट लग गई. नतीजतन धर्मशाला टेस्ट में वे खेल नहीं पाए.
पहले उकसाया, फिर माफ़ी
कंगारुओं के खिलाफ जीत के साथ ही भारतीय क्रिकेट का सबसे सफल घरेलू सीजन भी खत्म हो गया. लेकिन सीरीज खत्म होते-होते भी विवाद कम नहीं हुए. आखिरी टेस्ट में कप्तानी कर रहे अजिंक्य रहाणे को कंगारु विराट से बेहतर बताने लगे. पूर्व ऑस्ट्रेलियन ऑलराउंडर मिशेल जॉनसन ने ट्वीट किया कि रहाणे को कप्तान बने रहना चाहिए! वास्तव में, इस सीरीज में कांटे की टक्कर देखने को मिली .पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयन चैपल ने कहा-'भारतीय टीम की किस्मत अच्छी है कि उनके पास अजिंक्य रहाणे जैसा उपकप्तान है जो नियमित कप्तान के ना होने पर ज़िम्मेदारी निभा सकता है. मेरे विचार में रहाणे अपने शांत अंदाज़ में भी आक्रामक थे. ये ज़रूरी नहीं कि आप अति उत्साहित या उत्तेजित दिखें तभी पूरी टीम आपके पीछे खड़ी होगी. आपको अपना काम अच्छे से करना है कि जिससे खिलाड़ी आप पर भरोसा कर सकें.
VIDEO: दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले विराट कोहली ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी
हालांकि कंगारू टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने धर्मशाला टेस्ट के बाद अपने बर्ताव के लिए माफ़ी मांगी और माना कि वो और बेहतर होने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी ही दुनिया में काफी भीर था और कुछ मौकों पर मेरी आक्रामकता मुझ पर हावी हो गई. मैं पूरी सीरीज के दौरान ऐसी किसी बात के लिए माफी मांगता हूं. ये मेरे लिए इससे आगे बढ़ने का कदम है जिससे मैं कुछ सीख सकता हूं और बतौर इंसान और कप्तान और बेहतर हो सकता हूं!'
India team is a great team now a day and in cricket test match format currently India number one team in whole world. India versus Sri Lanka test series very interested for both team and at last when India won the series by 1-0https://t.co/Bp6UnO3RlT pic.twitter.com/FvtPmfHPHD
— CBTF BET (@CbtfB) December 7, 2017
विराट 'ट्रंप' कोहली
वैसे बॉर्डर-गावस्कर सीरज़ में खेल से ज़्यादा सुर्खियां बटोरी खिलाड़ियों के बीच तकरार ने. पूरी सीरीज़ के दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया लगातार विराट कोहली को निशाना बनाता रहा. ऑस्ट्रेलियाई अखबार डेली टेलीग्राफ़ ने कोहली की तुलना अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से कर डाली. अखबार ने आरोप लगाया कि कोहली न तो आईसीसी की सुनते हैं और न ही अपने बोर्ड की परवाह करते हैं. 13 साल से ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. सीरीज़ पर कब्ज़े के लिए कंगारू कितने बेचैन थे इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड भी "माइंड गेम" में कूद पड़ा. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख जेम्स सदरलैंड आगे बढ़कर खुद भारतीय कप्तान विराट कोहली पर निशान साधा.
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ऑस्ट्रेलिया के एक रेडियो कार्यक्रम के दौरान जब सदरलैंड से पूछा गया था कि क्या विराट को ऑस्ट्रेलियाई टीम से नाराजगी के लिए माफी मांगनी चाहिए, इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में उन्होने कहा, 'देखिए, मुझे नहीं लगता कि उन्हें सॉरी की स्पेलिंग आती भी है!'. विराट भी कहां चुप रहने वाले थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के हर तीखे सवाल का करारा जवाब दिया. कोहली पर हो रहे मनोवैज्ञानिक हमले के बीच भारतीय टीम पूरी तरह से अपने कप्तान के साथ खड़ी रही. टीम के बाकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन तो शानदार रहा पर तकरार ने विराट कोहली की बल्लेबाज़ी पर असर हुआ.
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मैदान के बाहर और भीतर की टिप्पणियों ने मानो उनकी एकाग्रता को भंग कर दिया है. तमाम विवादों के बीच ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ सबसे कामयाब बल्लेबाज़ रहे. वहीं भारतीय कप्तान विराट कोहली का फॉर्म और फ़िटनेस दोनों दगा देता नज़र आया. 3 टेस्ट की 5 पारियों में कोहली सिर्फ 46 रन बना पाए. रांची टेस्ट में फील्डिंग के दौरान उन्हें कंधे में चोट लग गई. नतीजतन धर्मशाला टेस्ट में वे खेल नहीं पाए.
पहले उकसाया, फिर माफ़ी
कंगारुओं के खिलाफ जीत के साथ ही भारतीय क्रिकेट का सबसे सफल घरेलू सीजन भी खत्म हो गया. लेकिन सीरीज खत्म होते-होते भी विवाद कम नहीं हुए. आखिरी टेस्ट में कप्तानी कर रहे अजिंक्य रहाणे को कंगारु विराट से बेहतर बताने लगे. पूर्व ऑस्ट्रेलियन ऑलराउंडर मिशेल जॉनसन ने ट्वीट किया कि रहाणे को कप्तान बने रहना चाहिए! वास्तव में, इस सीरीज में कांटे की टक्कर देखने को मिली .पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयन चैपल ने कहा-'भारतीय टीम की किस्मत अच्छी है कि उनके पास अजिंक्य रहाणे जैसा उपकप्तान है जो नियमित कप्तान के ना होने पर ज़िम्मेदारी निभा सकता है. मेरे विचार में रहाणे अपने शांत अंदाज़ में भी आक्रामक थे. ये ज़रूरी नहीं कि आप अति उत्साहित या उत्तेजित दिखें तभी पूरी टीम आपके पीछे खड़ी होगी. आपको अपना काम अच्छे से करना है कि जिससे खिलाड़ी आप पर भरोसा कर सकें.
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हालांकि कंगारू टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने धर्मशाला टेस्ट के बाद अपने बर्ताव के लिए माफ़ी मांगी और माना कि वो और बेहतर होने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, 'मैं अपनी ही दुनिया में काफी भीर था और कुछ मौकों पर मेरी आक्रामकता मुझ पर हावी हो गई. मैं पूरी सीरीज के दौरान ऐसी किसी बात के लिए माफी मांगता हूं. ये मेरे लिए इससे आगे बढ़ने का कदम है जिससे मैं कुछ सीख सकता हूं और बतौर इंसान और कप्तान और बेहतर हो सकता हूं!'
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