
केंद्र सरकार ने माना है कि ऑड-ईवन से प्रदूषण कम होता है हालांकि इसकी मात्रा कम होती है. लोकसभा सांसद कपिल मोरेश्वर पाटील और एस ज्योतिमणि ने सरकार से सवाल पूछा था कि क्या सरकार या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली में ऑड-ईवन योजना के कार्यान्वयन से प्रदूषण प्रभावों का कोई आकलन किया है?
इस सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने बताया ' केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली में 1 से 15 जनवरी 2016 के दौरान कार्यान्वित ऑड इवन स्कीम का आकलन करवाया था. रिपोर्ट में यह बताया गया है कि यद्यपि ऑड ईवन स्कीम के कारण वायु प्रदूषण में "कुछ कमी" होती है पर एक कारक या कार्यवाही दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर को पर्याप्त रूप से कम नहीं कर सकती.'
केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने जवाब में यह भी बताया कि नवंबर 2019 में जो 12 दिन का ऑड-ईवन दिल्ली में लागू किया गया था उसके शुरू होने से पहले के 12 दिन और खत्म होने के 12 दिन तीनों की अवधि में प्रदूषण के स्तर में गिरावट तो देखी गई लेकिन वो बहुत कम रही.
तीन अवधि में प्रदूषण का स्तर
23 अक्टूबर से 3 नवंबर 2019 (ऑड-ईवन लागू होने से पहले के 12 दिन)
औसत PM 2.5- 275
औसत PM 10- 428
4 नवंबर से 15 नवंबर 2019 (ऑड-ईवन के दौरान)
औसत PM 2.5- 252
औसत PM 10- 380
16 नवंबर से 27 नवंबर 2019 ( ऑड-ईवन खत्म होने के बाद के 12 दिन)
औसत PM 2.5- 131
औसत PM 10- 231
ऑड-ईवन पर बीजेपी-आप आमने-सामने थे
ऑड-ईवन योजना दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने पहली बार जनवरी 2016 में 15 दिन के लिए लागू की थी. अप्रैल 2016 में 15 दिन के लिए दूसरी बार इसको लागू किया गया. जबकि 4 नवंबर से 15 नवंबर 2019 तक तीसरी बार इसको लागू किया गया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सांसद विजय गोयल दिल्ली सरकार की इस योजना का लगातार विरोध करते रहे हैं उनका कहना है कि ऑड-ईवन से प्रदूषण कम नहीं होता आम आदमी पार्टी सरकार ज़बरदस्ती इस योजना को लागू करके जनता को परेशान करती है और सरकारी पैसा खर्च करती है. यहां तक कि इस बार जब यह योजना लागू की गई तब उन्होंने इसका प्रतीकात्मक विरोध करने के लिए जानबूझकर इवन तारीख के दिन अपनी ऑड नंबर की कार सड़क पर निकाली थी और चार हज़ार रुपये का चालान कटवाया था.
जबकि अरविंद केजरीवाल समेत सभी आम आदमी पार्टी नेता बीजेपी नेता के इस विरोध के तरीके पर सवाल उठाते रहे. उनका कहना था कि बीजेपी प्रदूषण पर सहयोग करने की बजाय राजनीति क्यों कर रही है.

GRAP का हिस्सा है ऑड-ईवन
GRAP यानि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानि अक्टूबर से मार्च के दौरान दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एनवायरमेंट एंड पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी का एक्शन प्लान. इस एक्शन प्लान के तहत जब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 48 घंटे तक लगातार अति गंभीर बना रहेगा तो सरकार को ऑड-ईवन लागू करना होगा.
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