पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या अब बाजार में निवेश के नए मौके मिल रहे हैं? बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज निवेशक विजय केडिया (Vijay Kedia) ने बड़ा बयान दिया है .NDTV Profit Ignite 2026 में दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने बाजार को लेकर अपनी राय रखी. उनका मानना है कि बाजार का सबसे बुरा दौर शायद पीछे छूट चुका है, लेकिन हालात पूरी तरह सुधरने और मार्केट में तेज रिकवरी आने में अभी समय लगेगा. ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय धैर्य रखना होगा.
बाजार में गिरावट के बाद कब लौटेगी तेजी?
विजय केडिया ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव कोई नई बात नहीं है. ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है. उनके मुताबिक, बाजार में जब बहुत ज्यादा उत्साह होता है, तो आगे चलकर वही संकट में बदल सकता है. इसी तरह संकट का दौर भी समय के साथ फिर तेजी में बदलता है.उन्होंने कहा कि 2022, 2023 और 2024 में बाजार में जो तेजी और उत्साह देखने को मिला था, मौजूदा गिरावट को उसी का असर माना जा सकता है. अभी बाजार खुद को बैलेंस कर रहा है.
अच्छे शेयर 50-70% तक गिरे, क्या अब मौका है?
विजय केडिया के मुताबिक, कई अच्छे शेयर 50%, 60% और 70% तक गिर चुके हैं. इसी वजह से उन्हें लगता है कि बाजार का बुरा दौर काफी हद तक निकल चुका है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अब बाजार तुरंत तेजी से ऊपर जाने लगेगा.उन्होंने समझाया कि कई बार अच्छे शेयरों में भी लंबे समय तक रिटर्न नहीं मिलता. यहां तक कि तेजी वाले बाजार में भी किसी शेयर में एक या दो साल ही नहीं, बल्कि पांच साल तक भी खास रिटर्न नहीं मिल सकता.. इसलिए निवेशकों को बाजार से तुरंत कमाई की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
'बुरे और अच्छे दौर के बीच का समय भी संगीत जैसा'
विजय केडिया ने बाजार के मौजूदा दौर को संगीत से जोड़कर समझाया. उन्होंने कहा कि संगीत में दो सुरों के बीच का ठहराव भी संगीत का हिस्सा होता है. ठीक इसी तरह बाजार में बुरे दौर के खत्म होने और अच्छे दौर के शुरू होने के बीच का समय भी अहम है.निवेशकों को इस दौर से गुजरना होगा. बाजार का चक्र बदलने और तेजी की रफ्तार लौटने में कुछ समय लग सकता है. ऐसे में धैर्य और अपने निवेश पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है.
बाजार गिरने पर क्या करते हैं विजय केडिया?
बातचीत के दौरान विजय केडिया ने बताया कि उन्होंने 2018 में अमेरिका के बाजार में आई गिरावट और 2020 के बाजार क्रैश को भी देखा है. अब बाजार गिरता है, तो वह जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय इंतजार करते हैं. वह मंथली और वीकली एवरेज जैसे इंडिकेटर्स पर नजर रखते हैं, ताकि निवेश के सही मौके पहचान सकें.
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