मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने अपनी जनता को बड़ी राहत दी है. यूएई ने एलान किया है कि उसके पास सबसे जरूरी वस्तुओं का अगले 6 महीने का भंडार (Strategic Stockpile) पूरी तरह सुरक्षित है. सरकार ने साफ कर दिया है कि संकट के इस दौर में किसी भी जरूरी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी और न ही कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी बर्दाश्त की जाएगी.
इन 9 चीजों की कीमतों पर 'लॉक'
यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय ने एक सख्त 'प्राइसिंग पॉलिसी' लागू की है. इसके तहत 9 जरूरी वस्तुओं की कीमतों को फ्रीज कर दिया गया है. मंत्रालय की पूर्व अनुमति के बिना इनकी कीमतें नहीं बढ़ाई जा सकेंगी.
- कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल)
- अंडे
- डेयरी उत्पाद (दूध, दही आदि)
- चावल
- चीनी
- पोल्ट्री (चिकन)
- दालें
- ब्रेड
- गेहूं
बाजारों पर कड़ी नजर, मुनाफाखोरी पर लगाम
सरकारी न्यूज एजेंसी 'वाम' (WAM) के अनुसार, विशेष निरीक्षण टीमें रोजाना बाजारों और दुकानों का दौरा कर रही हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हर दिन मॉनिटरिंग हो रही है. अवैध वसूली पर रोक जैसे कदम उठाए जा रहे हैं. टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि दुकानों पर सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो. बिना किसी ठोस कारण के कीमतों में बढ़ोतरी करने वाले व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी अमीरात (जैसे दुबई, अबू धाबी आदि) के बीच हाई लेवल तालमेल बनाया गया है ताकि सप्लाई चेन कहीं भी न टूटे.
महंगे हुए प्याज-टमाटर पर सफाई
पिछले दो दिनों में प्याज और टमाटर जैसी कुछ सब्जियों की कीमतों में जो बढ़ोतरी देखी गई है, उस पर मंत्रालय ने कहा है कि यह अस्थायी है. क्षेत्रीय संकट के कारण सप्लाई में थोड़ी बाधा आई थी, लेकिन अब बाजार में इनकी अतिरिक्त खेप पहुंचा दी गई है, जिससे जल्द ही कीमतें सामान्य हो जाएंगी.
सरकार का बयान
आधिकारिक समाचार एजेंसी 'वाम' (Wam) के मुताबिक, इकोनॉमी और पर्यटन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञ निरीक्षण टीमों द्वारा रोजाना निगरानी और जमीनी निरीक्षण किया जा रहा है. बयान में कहा गया, 'एक संयुक्त राष्ट्रीय निगरानी टीम के भीतर यह प्रयास किया जा रहा है, जो कीमतों में अनुचित वृद्धि और गलत व्यापारिक प्रथाओं को रोकने के साथ-साथ पूरे यूएई के बाजारों की निरंतर निगरानी को मजबूत कर रही है.'
मंत्रालय ने ये भी कहा कि अमीरात के संबंधित अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय तालमेल है, ताकि बाजारों की लगातार निगरानी की जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि विक्रेता और व्यापारी उपभोक्ता संरक्षण कानूनों और नीतियों का पालन करें, विशेष रूप से आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की मूल्य निर्धारण नीति का.
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी (Panic Buying) न करें. देश के पास पर्याप्त स्टॉक है और उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं