नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शुरू होने का इंतजार कर रहे यात्रियों और एविएशन सेक्टर के लिए 2 बड़े अपडेट्स सामने आए हैं. पहला तो ये कि पहले चरण का काम पूरा होते ही एक रनवे के साथ एयरपोर्ट शुरू हो जाएगा. धीरे-धीरे यहां से हर दिन 150 फ्लाइट्स उड़ानें भरेंगी. इनसे सालाना 1.20 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे. वहीं दूसरा बड़ा अपडेट ये है कि विमानों के मेंटेनेंस से लेकर मरम्मत तक का काम यहीं होगा.
अकासा एयर का MRO सेंटर
दरअसल, किफायती हवाई सेवा देने वाली कंपनी अकासा एयर (Akasa Air) ने जेवर एयरपोर्ट पर अपना पहला मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है. ये कदम न केवल नोएडा एयरपोर्ट को वैश्विक पहचान दिलाएगा, बल्कि भारत को विमानों की मरम्मत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा.
विमानों की सेहत का रखा जाएगा ख्याल
यह एमआरओ (MRO) केंद्र एयरपोर्ट परिसर के अंदर ही बनाया जाएगा. यहां विमानों की मरम्मत, नियमित रखरखाव और जटिल तकनीकी जांच के लिए दुनिया की सबसे आधुनिक मशीनें और सुविधाएं मौजूद होंगी. अभी तक कई भारतीय एयरलाइंस को अपने विमानों की बड़ी मरम्मत के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब नोएडा एयरपोर्ट पर यह सुविधा मिलने से समय और विदेशी मुद्रा दोनों की बचत होगी.
2 महीने में शुरू हो सकती हैं उड़ानें
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री 'के राम मोहन नायडू' ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को डीजीसीए (DGCA) से आधिकारिक एयरोड्रोम लाइसेंस मिल गया है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि एविएशन सेक्टर के सभी प्रमुख हितधारकों के साथ गहन चर्चा और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद यह महत्वपूर्ण अनुमति जारी की गई है. इस लाइसेंस के मिलने के साथ ही अब एयरलाइंस अपने फ्लाइट शेड्यूल और रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी.
मंत्रालय को उम्मीद है कि अगले 45 दिन से 2 महीने के भीतर इस एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान शुरू हो जाएगी. फिलहाल, जेवर एयरपोर्ट के औपचारिक उद्घाटन की भव्य तैयारियां चल रही हैं और यह जल्द ही पूरी तरह से कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए तैयार होगा.
आम आदमी और यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- हर दिन 150 उड़ानें संचालित होंगी: नोएडा एयरपोर्ट से हर दिन 150 उड़ानें संचालित होने से रोजाना हजारों यात्रियों को फायदा होगा. न केवल देश के अलग-अलग शहरों के लिए, बल्कि विदेशों के लिए भी लोग यहां से फ्लाइट ले पाएंगे.
- सफर होगा सुरक्षित और समय पर: एयरपोर्ट पर ही मेंटेनेंस सेंटर होने से विमानों की तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जा सकेगा. इससे उड़ानों में देरी कम होगी और यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित होगा.
- रोजगार के बंपर अवसर: इस बड़ी परियोजना से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर के स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी नौकरियों के द्वार खुलेंगे. युवाओं को विमानन इंजीनियरिंग और तकनीकी कौशल सीखने का मौका मिलेगा.
- सस्ता हो सकता है किराया: जब एयरलाइंस का रखरखाव खर्च कम होगा, तो लंबे समय में इसका लाभ यात्रियों को सस्ते हवाई टिकट के रूप में मिल सकता है.
अधिकारियों ने क्या कहा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के CEO क्रिस्चिफ सचनेलमनन ने MRO सेंटर के लिए अकासा एयर के साथ साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि यह कदम भारत में एक विश्व-स्तरीय एविएशन हब बनाने के हमारे सपने को पूरा करेगा.
वहीं, अकासा एयर के संस्थापक और सीईओ विनय दुबे ने बताया कि यह निवेश कंपनी की लंबी अवधि की विकास योजना का हिस्सा है और इससे भारतीय विमानन क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी.
यह पहल केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें भारत को दुनिया का प्रमुख एविएशन और मेंटेनेंस हब बनाना शामिल है. जेवर एयरपोर्ट भविष्य में केवल उड़ानों के लिए नहीं, बल्कि विमानों की सेहत का खयाल रखने के लिए भी जाना जाएगा.
ये भी पढ़ें:
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं