देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक में सीक्रेट जानकारी लीक होने का मामला सामने आया है. HDFC बैंक की एक इंटरनल जांच में ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि दो सीनियर अफसरों ने बैंक की कॉन्फिडेंशियल बिजनेस स्ट्रेटजी और बाजार पर असर डालने वाली अहम जानकारियों को बाहरी लोगों के साथ साझा किया.
इस पूरे मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि ये अधिकारी बैंक के कुछ प्रमुख बिजनेस और कामकाज को संभालते हैं.
कैसे पता चला सब?
इन लोगों के मुताबिक, HDFC बैंक ने एक इंटरनल जांच के दौरान इन अफसरों की पहचान की. यह जांच तब शुरू हुई थी जब बैंक के कुछ सीनियर अफसरों को जानकारी लीक होने की आशंका हुई.
बताया जा रहा है कि जांच अभी भी चल रही है और बैंक यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इन जानकारियों का गलत इस्तेमाल किया गया था.
बैंक ने क्या कहा?
HDFC बैंक के एक प्रवक्ता ने इंटरनल रिव्यू की बात मानी है, लेकिन इसके नतीजों या इसमें शामिल अफसरों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की.
प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए कहा, 'हमारी नीतियों के अनुसार, इस मामले में सभी जरूरी तथ्यों को जुटाने और उनका मूल्यांकन करने के लिए एक आंतरिक समीक्षा चल रही है.'
उन्होंने आगे कहा, 'समीक्षा पूरी होने के बाद, जो भी नतीजे सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.'
बैंक ने कहा कि वह नैतिकता और गवर्नेंस के हाई स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए कमिटेड है और नियमों के संभावित उल्लंघन की रिपोर्टों को गंभीरता से लेता है.
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HDFC बैंक में सबकुछ ठीक?
ये असेसमेंट ऐसे समय पर हो रहा है, जब कथित तौर पर बैंक के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. बोर्डरूम विवादों और मैनेजमेंट के कुछ सीनियर अधिकारियों के जाने के बाद बैंक अब पहली बार किसी बाहरी व्यक्ति को अपना CEO बनाने की तैयारी कर रहा है.
न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस जांच और इस नतीजों के बारे में इस साल की शुरूआत में ही सीनियर मैनेजमेंट और बोर्ड के कुछ सदस्यों को बता दिया गया था.
सूत्रों ने यह भी बताया कि दोनों अफसरों को इन नतीजों के बारे में औपचारिक रूप से बता दिया गया है, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी.
इन रिपोर्ट्स के आने के बाद अनूप बागची के सामने चुनौतियां और बढ़ गई हैं. ICICI ग्रुप से लंबे समय तक जुड़े रहे अनूप बागची 27 अक्टूबर को HDFC बैंक के CEO का पद संभालने वाले हैं.
हालिया महीनों में HDFC के भीतर चल रहे मतभेद सबके सामने आ गए हैं. मार्च में तत्कालीन चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपने इस्तीफे में बैंक के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए थे. हालांकि, बाद में बैंक की जांच में उनके दावे सही साबित नहीं हुए.
अनूप बागची की नियुक्ति ऐसे समय हो रही है, जब मौजूदा CEO शशिधर जगदीशन ने दूसरा कार्यकाल न लेने का फैसला लिया है. जगदीशन छह साल तक CEO का पद संभालने के बाद पद छोड़ रहे हैं.
इतना ही नहीं, बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने भी दिसंबर के आखिर तक अपना पद छोड़ने की इच्छा जताई है. कैजाद भरूचा HDFC बैंक में लंबे समय तक जुड़े रहने वाले अधिकारियों में से एक हैं.
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