विज्ञापन
This Article is From Nov 12, 2017

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाने के लिए और पूंजी डालेगी सरकार : अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने रविवार को कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और पूंजी डालने का फैसला बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाने तथा आर्थिक वृद्धि में गति लाने के इरादे से किया है.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाने के लिए और पूंजी डालेगी सरकार : अरुण जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
गुरूग्राम: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने रविवार को कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में और पूंजी डालने का फैसला बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाने तथा आर्थिक वृद्धि में गति लाने के इरादे से किया है. गौरतलब है कि सरकार ने फंसे कर्ज (एनपीए) से प्रभावित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाने के इरादे से पिछले महीने सरकार ने दो साल की एक वृहद योजना पेश की जिसमें 2.11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी उनमें डाली जाएगी. जेटली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों की बैठक 'पीएसबी मंथन' को यहां संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बजट से, बांड निर्गम और बैंकों की शेयर पूंजी के विस्तार के जरिये उनमें और पूंजी डालने का फैसला किया है.

यह भी पढ़ें: जीएसटी में बड़े बदलाव के बाद शैम्‍पू, टूथपेस्‍ट और रेस्‍टोरेंट में खाना होगा सस्‍ता : 10 बातें

उन्होंने कहा कि एक तरह से देखा जाए तो बैंकों की वित्तीय स्थिति बेहतर करने के लिये देश उन्हें पैसा दे रहा है. वित्त मंत्री ने बैंक प्रमुखों को आश्वस्त किया कि आपको यह देखने को नहीं मिलेगा कि हम वाणिज्यकि लेन-देन में हस्तक्षेप कर रहे हैं लेकिन जब व्यवस्था ये सब बदलाव कर ही और बैंकों को मजबूत करने के लिये ये सभी मौद्रिक योगदान दिये जा रहे हैं तो चाहते है कि सरकारी बैंकिंग प्रणाली खूब मजबूत हो ताकि वह आर्थिक वृद्धि मदद देने की आपकी क्षमता स्वयं ऊंची हो सके. उन्होंने कहा कि बैंक जिन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं, उसमें एक सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देना शामिल है क्योंकि क्षेत्र रोजगार सृजित कर रहा है और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा हैं जबकि उसकी बांड बाजार या अंतरराष्ट्रीय वित्त तक पहुंच नहीं है.

यह भी पढ़ें: यशवंत सिन्हा ने फिर जाहिर की नाराजगी, पीएम मोदी से की वित्त मंत्री अरुण जेटली को हटाने की मांग

जेटली ने बैंक प्रमुखों से कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन खर्च कर रही है और विदेशी निवेश आ रहा है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्ति जून 2017 को बढ़कर 7.33 लाख करोड़ रुपये हो गय जो मार्च 2015 में 2.78 लाख करोड़ रुपये थी. साढ़े तीन साल में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 51,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डाली है.

VIDEO: जीएसटी काउंसिल ने कई वस्तुओं को 28% के स्लैब से निकाला

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: