तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) का आने वाला एपिसोड काफी मजेदार होने वाला है. गोकुलधाम सोसाइटी में लगभग हर कोई कोरोनो वायरस के इलाज की उम्मीद कर रहा है और इस बीमारी से परेशान सभी लोग अपने घरों में बंद है. हर कोई अपने तरीके से रोजमर्रा की होने वाली मुसीबतों से निपटने की कोशिश कर रहा है. वहीं अय्यर, ने यह फैसला किया है कि अब वह इस बीमारी को लेकर ज्यादा नहीं सोचेंगे कि साइंस अब तक इस बीमारी का वैक्सीन बनाने में कामयाब क्यों नहीं हुई है. और इसके साथ उन्होंने यह सोचा है कि सच्चाई की तलाश करने के लिए वह लगातार मेडिटेट करेंगे. और यह वह तब तक करेंगे जब तक कोरोना के इलाज से जुड़ी अच्छी खबर न आ जाए.
अय्यर ने ध्यान लगाने का दृढ़ निश्चय कर लिया है. साथ ही अय्यर बबीता से कहते हैं कि वह मेडिटेट कर रहे है इसलिए उन्हें इस अवस्था में जाने से पहले परेशान न करें. पिछले कुछ हफ्तों से बबीता ने देखा है कि अय्यर कोरोना वायरस को लेकर बहुत ज्यादा सोच रहे हैं जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हो रही है और वह 7 महीने से काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं जिसकी वजह से उनकी जिंदगी पर बहुत ही बुरा असर पड़ा है. वहीं दूसरी तरफ बबीता इस बात से पूरी तरह हैरान हो जाती है कि अचानक से वह ध्यान लगाने का फैसला क्यों किया है.
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जब अय्यर ध्यान करने लगते हैं तब बबीता को समझ में आता है वह मजाक नहीं कर रहे थे. कुछ दिन बीत जाते हैं और अय्यर अब तक अपना ध्यान केंद्रित करके बैठे रहते हैं सिर्फ इतना ही नहीं वह हिलते तक नहीं है. इस पर बबीता चिंतित हो जाती है कि बिना कुछ खाए और आराम किये इतनी देर तक ऐसे रहेंगे तो बीमार पड़ जाएंगे. बबीता फिर फैसला करती है कि अब अय्यर जी का ध्यान तुड़वाना होगा. फिर उसके मन में आईडिया आता है कि विश्वामित्र की एकाग्रता को तोड़ने के लिए मेनका जिस तरीके से चाल चलती है ठीक उसी तरह इनके साथ भी कुछ करना होगा.

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