नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी रही रामायणम् का ट्रेलर लॉन्च हो गया है और इसके बाद से सोशल मीडिया पर इसके अलग अलग पहलुओं पर चर्चा हो रही है. एक तरफ जहां फिल्म के VFX, स्केल और विजुअल्स की तारीफ हो रही है तो वहीं किरदारों का लुक और स्टाइल भी चर्चा में है. सोशल मीडिया पर मीम भी चल रहे हैं कि त्रेता युग में इतना फैशन और स्टाइल कहां से आया खासतौर पर एक्ट्रेसेज के कपड़ों को लेकर बातें हो रही हैं जैसे कि सीता के किरदार में साई पल्लवी का लुक, कैकेयी के रोल में लारा दत्ता का कॉस्ट्यूम बातचीत का विषय बने. इस ट्रोलिंग के बीच रामायणम् एक्ट्रेस सुरभि दास ने फिल्म की स्टाइलिंग का बचाव किया है.
सुरभि दास ने स्टाइलिंग पर हो रही ट्रोलिंग पर दिया जवाब
फिल्म में सीता के लुक खासतौर से ब्लाउज को लेकर हो रहे क्रिटिसिज्म पर रिएक्ट करते हुए, सुरभि, जो सीता की बहन और शत्रुघ्न की पत्नी श्रुतकीर्ति का रोल कर रही हैं, ने जूम से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि लोगों के पास हमेशा कुछ न कुछ कहने को होगा. अगर हम सीता को ब्लाउज नहीं पहनते, तब भी लोगों का ओपिनियन होता कि उनको ब्लाउज कैसे नहीं पहनाया. जब ब्लाउज पहनाया तब भी प्रॉब्लम है. लोग हमेशा बातें बताते रहेंगे. रामायण एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है और आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि हर कोई इससे सहमत होगा या इसे पसंद करेगा. मैं यह नहीं कह रही कि सब कुछ परफेक्ट होगा, लेकिन प्लीज फिल्म का इंतजार करें. आपको थिएटर जाकर ही समझ आएगा कि वे क्या ऑफर कर रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि फिल्म का स्केल ऐसे क्रिटिसिज्म को दबा देगा और कहा, "फिल्म इतने बड़े स्केल पर बनाई गई है कि लोग इन सब बातों पर ध्यान भी नहीं देंगे. इससे पहले भी रामायण पर कई फिल्में बनी हैं. मुझे यकीन है कि लोगों के पास कहने के लिए कुछ न कुछ होगा. उनके बीच असहमति रही होगी, और ऐसा होना ही है. आप हर किसी को खुश नहीं कर सकते. अब इसमें ब्लाउज पहना तो भी प्रॉब्लम है, नहीं पहना तो भी प्रॉब्लम है."
सुरभि से पहले कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने रखी थी अपनी बात
बता दें कि सुरभि से पहले, फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर, रिम्पल और हरप्रीत नरुला ने भी क्रिटिसिज्म पर रिएक्शन दिया था. उन्होंने माना कि क्योंकि रामायण एक एपिक है जो कई पीढ़ियों के कलेक्टिव कॉन्शसनेस में मौजूद है, इसलिए इसकी कास्टिंग, कॉस्ट्यूम और विजुअल इफेक्ट्स के बारे में राय सामने आना लाजमी था.
रिम्पल ने साफ किया कि सीता के रूप में साई की स्टाइलिंग उस देवी का उनका पर्सनल इंटरप्रेटेशन था जिसकी वह पूजा करती हुई बड़ी हुई थीं. उन्होंने यह भी बताया कि त्रेता युग के कोई भी कपड़े ऐसे नहीं बचे हैं जो कॉस्ट्यूम के लिए सीधे रेफरेंस के तौर पर काम आ सकें. इसके बजाय, डिजाइनरों ने उन किरदारों के इमैजिनेशन से इंस्पिरेशन ली. इन्हें लोगों ने पीढ़ियों से देखा है.
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