70 के दशक में जब पर्दे पर प्यार की कहानी कहने का अंदाज बिल्कुल अलग था, तब राज कपूर की ‘बॉबी' ने रोमांस को एक नई पहचान दी. ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की मासूम प्रेम कहानी ने दर्शकों का दिल जीता, तो फिल्म के गानों ने इसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया. इन्हीं में एक गाना था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों और चाबी खो जाए', जिसने अपनी शरारती धुन और रोमांटिक अंदाज से खूब सुर्खियां बटोरीं. आज भी जब पुराने दौर के रोमांटिक गानों की बात होती है, तो यह गाना जेहन में अपने आप आ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने से जुड़े कई दिलचस्प किस्से और ‘बॉबी' की कामयाबी की कहानी भी उतनी ही खास है?
‘हम तुम एक कमरे में बंद हों और चाबी खो जाए' गाने को लता मंगेशकर और शैलेंद्र सिंह की आवाज, आनंद बख्शी के बोल और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत इसे यादगार बनाने में अहम रहा. यह गाना 70 के दशक में लोकप्रिय हुआ और आज भी लोगों की यादों में है.
पहली फिल्म में ही स्टार बन गए थे ऋषि-डिंपल
‘बॉबी' राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर के लिए बतौर लीड एक्टर लॉन्च फिल्म थी, जबकि डिंपल कपाड़िया ने इसी फिल्म से हिंदी सिनेमा में कदम रखा. फिल्म में दोनों की जोड़ी राज और बॉबी के किरदार में नजर आई. कहानी एक अमीर परिवार के लड़के और एक ईसाई मछुआरे की बेटी के प्यार के इर्द-गिर्द घूमती है. अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि उनके रिश्ते के सामने बड़ी चुनौती बनती है.
राज कपूर के फार्म हाउस में शूट हुआ था गाना
‘हम तुम एक कमरे में बंद हों' की खासियत सिर्फ इसके बोल नहीं थे. यह गाना ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की प्रेम कहानी को बेहद चुलबुले अंदाज में पेश करता है. इस गाने का आइडिया तब आया जब म्यूजिक डायरेक्टर लक्ष्मीकांत अपने बन रहे घर को देख रहे थे. उनके साथ गीतकार आनंद बख्शी भी थे और उन्होंने कहा कि घर में रास्ता ढूंढना मुश्किल हो रहा है. तब दोनों ने इस स्थिति पर एक गाना बनाने का फैसला किया. बाद में राज कपूर ने फिल्म में इस गाने को फिट करने के लिए एक सिचुएशन बनाई.
बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉबी' ने मचा दिया था तहलका
‘बॉबी' सिर्फ गानों की वजह से नहीं चली, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी कामयाबी हासिल की. फिल्मफेयर के मुताबिक फिल्म ने भारत में करीब 11 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया और उस दौर में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की. फिल्म की कामयाबी इतनी बड़ी थी कि राज कपूर को ‘मेरा नाम जोकर' से हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली.
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