आपको कॉमेन्टेटर अक्सर कहते हुए मिल जाएंगे कि रन बनने चाहिए, रन चाहे जैसे भी बनें, लेकिन राजस्थान और कोलकाता के बीच मैच के बाद यह भी तय हो गया कि रन के लिए बाउंड्रीज़ लगना कितना जरूरी है। आईपीएल-7 के पहले चरण में ज्यादातर टीमों की कामयाबी का रास्ता बाउंड्रीज के सहारे ही तय हुआ है।
पंजाब 5 मैच 108 बाउंड्रीज़
पंजाब की टीम ने पहले पांच मैचों में 108 बाउंड्रीज़ लगाई और पांचों मैच अपने कब्ज़े में कर लिए। इन 108 बाउंड्रीज़ में 76 चौके और 32 छक्के शामिल हैं। वैसे इनमें टीम की क़रीब दो तिहाई बाउंड्रीज़ सिर्फ दो खिलाड़ियों के नाम हैं। ग्लेन मैक्सवेल के नाम 30 चौके और 17 छक्के हैं जबकि डेविड मिलर के नाम 9 चौके और 10 छक्के।
चेन्नई 5 मैच 90 बाउंड्रीज़
चेन्नई ड्वेन स्मिथ और ब्रेंडन मैक्कलम आईपीएल-7 में रन बनाने वालों की लिस्ट में दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। चेन्नई को सिर्फ एक मैच में हार का सामना करना पड़ा,वह भी 200 से बड़ा स्कोर बनाने के बाद। ड्वेन स्मिथ के नाम 19 चौके और 15 छक्के हैं, जबकि ब्रेंडन मैक्कलम के नाम 16 चौके और 9 छक्के हैं।
राजस्थान 5 मैच 81 बाउंड्रीज़
राजस्थान की टीम ने एक मैच में बाउंड्रीज़ के सहारे ही जीत हासिल की। राजस्थान की टीम ने पहले पांच मैचों में 81 बाउंड्रीज़ दर्ज की। राजस्थान के अजिंक्य रहाणे ने पहले पांच मैचों में 21 बाउंड्रीज़ के सहारे 182 रन जोड़े जबकि कप्तान शेन वाटसन ने 17
कोलकाता 5 मैच 75 बाउंड्रीज़
कोलकाता टीम के नाम फिलहाल 75 बाउंड्रीज़ हैं। ज़ाहिरतौर पर उनकी टीम में गौतम गंभीर और यूसुफ़ पठान जैसे धमाकेदार बल्लेबाज़ फ्लॉप रहे और इसका असर टीम की बाउंड्रीज़ और इसलिए मैच के नतीजों पर भी पड़ा। कोलकाता के लिए जैक कैलिस और मनीष पांडेय फिर भी बाउंड्रीज़ के सहारे रन जोड़ने में कामयाब रहे।
बाकी की चार टीमें क्यों पीछे हैं, यह समझना मुश्किल नहीं। दिल्ली के नाम 75 बाउंड्रीज़ हैं, जबकि बैंगलोर के नाम 71, हैदराबाद के नाम 55 बाउंड्रीज़ हैं, जबकि मुंबई के नाम 46, दिल्ली, बैंगलोर, हैदराबाद और मुंबई की टीमें फ़िलहाल क्रमश पांचवें, छठे, सातवें और आठवें नंबर पर हैं।
टीम | मैच | चौके | छक्के |
पंजाब | 5 | 76 | 32 |
जयपुर | 5 | 61 | 20 |
कोलकाता | 5 | 59 | 16 |
दिल्ली | 5 | 57 | 18 |
चेन्नई | 5 | 57 | 33 |
बंगलौर | 5 | 55 | 16 |
हैदराबाद | 4 | 37 | 18 |
मुंबई | 4 | 37 | 9 |
कुल | 439 | 162 |