बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar)न सिर्फ नए कृषि बिल के समर्थन में हैं बल्कि राज्यसभा में इस बिल के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ तो यहां तक कह डाला कि जो हुआ वह बहुत गलत हुआ है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. नीतीश कुमार सोमवार को बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कई सड़कों और ब्रिज की परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे.
नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कृषि सुधार बिल का विरोध कर रहे राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बिहार में भी जब उन्होंने APMC एक्ट ख़त्म किया था उस समय विपक्ष में बैठे राष्ट्रीय जनता दल के लोगों ने ऐसा ही विरोध किया था. लेकिन उनका अपना निजी अनुभव था कि इस एक्ट के कारण किसानों को काफ़ी कठिनाई होती थी. उन्होंने अपनी आंखों से देखा था कि हाजीपुर जिले के किसानों को किस प्रकार से मजबूर किया जाता था और इसी आधार पर उन्होंने इस एक्ट को ख़त्म किया. लोग आज देख सकते हैं कि इसका क्या परिणाम हुआ है.
नीतीश कुमार ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से भी किसानों को काफ़ी लाभ होता है. इससे खेती करने वालों को अच्छी आमदनी होती है. उन्होंने कहा कि नया क़ानून देश के हित में हैं और जो चंद लोग विरोध कर रहे हैं उनका अपना निजी स्वार्थ है. उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि ये ना केवल देश के हित में है बल्कि गांव के हित में है. भाजपा के नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार के इस बिल पर समर्थन से निश्चित रूप से बिहार में किसानों का विरोध नहीं झेलना होगा. साथ ही नीतीश कुमार ने अगर समर्थन दिया है तो वो सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने में परहेज़ नहीं करेंगे.
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