सुशील मोदी (फाइल फोटो).
पटना:
बिहार के वित्त मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने केंद्र सरकार को आयकर में वर्तमान छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख करने का सुझाव दिया है. मोदी बृहस्पतिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री, अरुण जेटली द्वारा केंद्रीय बजट पर राज्य के वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में बोल रहे थे.
मोदी ने इसके अलावा आयकर के सेक्शन 80 सी के तहत वर्तमान डेढ़ लाख से दो लाख करने का भी अनुरोध किया. मोदी ने वित्तीय वर्ष भी एक अप्रैल की जगह साल के पहले दिन एक जनवरी से करने का आग्रह किया.
यह भी पढ़ें : सुशील मोदी का बड़ा आरोप, बोले- सीएम नीतीश के काफिले पर हमले के पीछे राजद और शराब माफिया का हाथ
हालांकि मोदी के इन सुझाव को केंद्र सरकार कितनी गम्भीरता से लेती है यह इस साल के बजट में घोषणा से ही पता चल पाएगा. लेकिन बिहार में रेल परियोजना में पर्याप्त राशि का आवंटन न होने के कारण उनके काम में धीमी गति के मद्देनज़र रेल बजट में पर्याप्त आवंटन करने का भी आग्रह किया.
VIDEO : मकर संक्रांति पर सियासी दही-चूड़ा
सुशील मोदी ने ग्रेज्युटी की सीमा बीस लाख किए जाने के बाद आयकर में मात्र वर्तमान दस लाख के छूट को 20 लाख करने की अपील केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से की. अगर मोदी की इन चार मांगों में से कुछ मांगें भी मान ली गईं तो भाजपा के लोगों का मानना है कि निश्चित रूप से आम लोगों को काफ़ी राहत मिलेगी.
मोदी ने इसके अलावा आयकर के सेक्शन 80 सी के तहत वर्तमान डेढ़ लाख से दो लाख करने का भी अनुरोध किया. मोदी ने वित्तीय वर्ष भी एक अप्रैल की जगह साल के पहले दिन एक जनवरी से करने का आग्रह किया.
यह भी पढ़ें : सुशील मोदी का बड़ा आरोप, बोले- सीएम नीतीश के काफिले पर हमले के पीछे राजद और शराब माफिया का हाथ
हालांकि मोदी के इन सुझाव को केंद्र सरकार कितनी गम्भीरता से लेती है यह इस साल के बजट में घोषणा से ही पता चल पाएगा. लेकिन बिहार में रेल परियोजना में पर्याप्त राशि का आवंटन न होने के कारण उनके काम में धीमी गति के मद्देनज़र रेल बजट में पर्याप्त आवंटन करने का भी आग्रह किया.
VIDEO : मकर संक्रांति पर सियासी दही-चूड़ा
सुशील मोदी ने ग्रेज्युटी की सीमा बीस लाख किए जाने के बाद आयकर में मात्र वर्तमान दस लाख के छूट को 20 लाख करने की अपील केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से की. अगर मोदी की इन चार मांगों में से कुछ मांगें भी मान ली गईं तो भाजपा के लोगों का मानना है कि निश्चित रूप से आम लोगों को काफ़ी राहत मिलेगी.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं