बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव (फाइल फोटो)
- 'लोगों को व्यापार करने की स्वंत्रता हैं लेकिन उसे छिपाना एक अपराध है'
- इन खुलासों से परेशान राजद ने प्रवक्ता मनोज झा को मीडिया के सामने किया
- तेजप्रताप और तेजस्वी ने अब तक नहीं दिया किसी आरोप का जवाब
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पटना:
लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी का आरोप लगाने का सिलसिला जारी है. पिछले दस दिनों से मॉल की मिट्टी मामले से ये सिलसिला शुरू हुआ है और अब हर दिन एक नया खुलासा भारतीय जनता पार्टी के नेता सुशील मोदी कर रहे हैं. नया खुलासा लालू यादव के बड़े बेटे और अब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव से संबंधित है. मोदी के अनुसार 2010 में लारा डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से 45 डेसिमल जमीन, 53.34 लाख रुपये में खरीदी और इस जमीन पर एक मोटरसाइकिल कंपनी का शोरूम भी शुरू किया गया. इस शोरूम को शुरू करने के लिए 2.29 करोड़ रुपये कर्ज लिए गए, तब तेजप्रताप इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर थे.
हालांकि 2015 में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद तेजप्रताप यादव ने इस कंपनी के प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन मोदी का आरोप है कि चुनाव आयोग को दिए गए ब्योरे में तेजप्रताप यादव ने न अपने शेयर की जानकारी दी और न कर्ज का कोई उल्लेख किया. हालांकि तेजप्रताप के नजदीकियों का कहना है कि ये सारी जानकारी तेजप्रताप के हलफनामे में है, लेकिन वो किस किस कंपनी में निदेशक हैं या उनका शेयर है, वो सिलसिलेवार ढंग से न देकर कुल शेयर और उसके मूल्य का कुल जमा दिया गया है.
इस बीच, हर दूसरे दिन होने वाले इन खुलासों से परेशान राष्ट्रीय जनता दल ने अपने वरिष्ठ प्रवक्ता मनोज झा को इस मुद्दे पर मीडिया के सामने उतरा, लेकिन झा ने आरोपों का सिलसिलेवार जवाब देने की बजाय मोदी को सार्वजनिक बहस करने की चुनौती दे दी. वहीं इस मुद्दे पर चाहे तेजप्रताप यादव हों या तेजस्वी, किसी ने भी मीडिया के सामने इन आरोपों का अब तक जवाब नहीं दिया है. बीजेपी नेता सुशील मोदी ने शुक्रवार को अपने संवादाता सम्मलेन में कहा कि लोगों को व्यापार करने की स्वंत्रता हैं लेकिन उसे छिपाना एक अपराध है.
मोदी ने ये भी आरोप लगाया कि बिहार सरकार के भूमि राजस्व विभाग की वेबसाइट से लालू-राबड़ी से संबंधित जानकारी को हटा दिया गया. हालांकि मोदी ने इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं उन्हें वो बचने के आरोपी हैं. मोदी ने मनोज झा की चुनौती पर बोलते हुए कहा कि वो जो भी आरोप लगा रहे हैं उसके समर्थन में साक्ष्य और सबूत दे रहे हैं, लेकिन राजद के पास इसका कोई जवाब नहीं.
मोदी ने कहा कि लालू यादव ने अब तक जो भी कहा है उससे यही लगता है कि गरीब का नाम जपना और उसका जमीन अपना के तर्ज पर लालू यादव ने अपने कई समर्थकों, मंत्रियों से जमीन अपने परिवार के नाम पर लिखवाई है. इस बीच रेल मंत्रालय जल्द मोदी के आरोप के आधार पर जमीन के बदले होटल मामले की जांच शुरू करने वाला है और इस संबंध में सारी फाइलों को एक बार फिर खंगाला जा रहा है.
हालांकि 2015 में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद तेजप्रताप यादव ने इस कंपनी के प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन मोदी का आरोप है कि चुनाव आयोग को दिए गए ब्योरे में तेजप्रताप यादव ने न अपने शेयर की जानकारी दी और न कर्ज का कोई उल्लेख किया. हालांकि तेजप्रताप के नजदीकियों का कहना है कि ये सारी जानकारी तेजप्रताप के हलफनामे में है, लेकिन वो किस किस कंपनी में निदेशक हैं या उनका शेयर है, वो सिलसिलेवार ढंग से न देकर कुल शेयर और उसके मूल्य का कुल जमा दिया गया है.
इस बीच, हर दूसरे दिन होने वाले इन खुलासों से परेशान राष्ट्रीय जनता दल ने अपने वरिष्ठ प्रवक्ता मनोज झा को इस मुद्दे पर मीडिया के सामने उतरा, लेकिन झा ने आरोपों का सिलसिलेवार जवाब देने की बजाय मोदी को सार्वजनिक बहस करने की चुनौती दे दी. वहीं इस मुद्दे पर चाहे तेजप्रताप यादव हों या तेजस्वी, किसी ने भी मीडिया के सामने इन आरोपों का अब तक जवाब नहीं दिया है. बीजेपी नेता सुशील मोदी ने शुक्रवार को अपने संवादाता सम्मलेन में कहा कि लोगों को व्यापार करने की स्वंत्रता हैं लेकिन उसे छिपाना एक अपराध है.
मोदी ने ये भी आरोप लगाया कि बिहार सरकार के भूमि राजस्व विभाग की वेबसाइट से लालू-राबड़ी से संबंधित जानकारी को हटा दिया गया. हालांकि मोदी ने इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं उन्हें वो बचने के आरोपी हैं. मोदी ने मनोज झा की चुनौती पर बोलते हुए कहा कि वो जो भी आरोप लगा रहे हैं उसके समर्थन में साक्ष्य और सबूत दे रहे हैं, लेकिन राजद के पास इसका कोई जवाब नहीं.
मोदी ने कहा कि लालू यादव ने अब तक जो भी कहा है उससे यही लगता है कि गरीब का नाम जपना और उसका जमीन अपना के तर्ज पर लालू यादव ने अपने कई समर्थकों, मंत्रियों से जमीन अपने परिवार के नाम पर लिखवाई है. इस बीच रेल मंत्रालय जल्द मोदी के आरोप के आधार पर जमीन के बदले होटल मामले की जांच शुरू करने वाला है और इस संबंध में सारी फाइलों को एक बार फिर खंगाला जा रहा है.
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