बिहार (Bihar) के कटिहार (Katihar) के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से एक मरीज की जान चली गई. उसके परिजनों ने यह आरोप लगाया है. ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की तड़प तड़प कर मौत हो गई. परिजनों ने कहा कि पेट दर्द और खांसी की शिकायत पर बुजुर्ग हरिप्रसाद को चालीसा हटिया मोहल्ले से सदर अस्पताल लाया गया था. कई घंटे बीत जाने के बावजूद डॉक्टर ने उनका इलाज नहीं किया. इस दौरान परिजनों ने कई बार ऑक्सीजन लगाने की गुहार लगाई मगर सुनवाई नहीं हुई. मरीज की मौत होने पर आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. सिविल सर्जन ने कहा है कि अगर किसी से चूक हुई है तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी.
गुरुवार को सुबह 7 बजे चालीसा हटिया के 55 वर्षीय हजारीप्रसाद साह की तबियत खराब हो गई.
इसके बाद परिजनों ने हजारीप्रसाद साह को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल ले गए. वहां घंटों बीत जाने के बाद भी डॉक्टर के नहीं आने से मरीज की तबियत ज्यादा बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. उसके परिजन घबराहट में इधर उधर भागकर डॉक्टरों से मरीज को ऑक्सीजन लगाने की मांग करने लगे. लेकिन फिर भी मरीज को उचित इलाज नही मिला जिसके कारण उसकी मौत हो गई.
इस मामले को लेकर सदर अस्पताल के सीएस समेत अन्य कर्मचारियों ने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि पहले से मरीज की तबियत खराब थी. लेकिन सवाल .यह है कि अगर डॉक्टरों को पूर्व में ही मरीज की ज्यादा गंभीर हालत का अनुमान था तो उन्होंने उसको हायर सेंटर इलाज के लिए रेफर क्यों नहीं किया?
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