- बिहार में बाढ़ से हालात खराब
- कई गांवों में भरा पानी
- 72.78 लाख लोग प्रभावित
बिहार में बाढ़ की वजह से हालात खराब होते जा रहे हैं. दरभंगा जिले के ककरघाटी गांव के पास गुजरने वाले हाइवे-57 पर लोगों ने शेल्टर बना लिए हैं और वहां पर शरण ले रखी है. लेकिन हाइवे के किनारे इस तरह से शेल्टर बनाने से दुर्घटना का भी खतरा है साथ ही जाम भी लग सकता है. लेकिन कोई रास्ता न देख पुलिस ने इस आशंका को टालने के लिए कई इंतजाम किए हैं. आप तस्वीरों से अंदाजा लगा सकते हैं कि सड़क के किनारे कितने शिविर लगे हैं. गौरतलब है कि बिहार और असम में बाढ़ की स्थिति अब भी भयावह बनी हुई है. दोनों पूर्वी राज्यों में बाढ़ से करीब 1.11 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 166 हो गयी. असम में मरने वालों का आंकड़ा 64 पहुंच गया जबकि बिहार में यह आंकड़ा 102 रहा.

शनिवार से दोनों राज्यों में पांच और लोगों के मरने की सूचना मिली. बिहार में बाढ़ से 12 जिलों के 72.78 लाख लोग प्रभावित हैं जबकि असम के 33 जिलों में से 18 में रहने वाले 38.37 लाख लोग प्रभावित हैं.

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बिहार के मधुबनी जिले से लोगों के मरने की सूचना मिली है और इसके साथ ही जिले में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 23 पहुंच गया है. सीतामढ़ी 27 लोगों की मौतों के साथ अब भी बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी और दरभंगा जिलों में राहत शिविरों का दौरा किया. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार असम में मोरीगांव से दो लोगों और धेमाजी, ग्वालपाड़ा और कामरूप से एक-एक व्यक्ति के मरने की सूचना है. बिहार: बाढ़ से 25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, नीतीश कुमार ने किया हवाई सर्वे
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इनपुट : भाषा
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