बिहार में बिजली की दरों में 55 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है.
पटना:
बिहार के लोगों को गर्मी के पूर्व ही 'बिजली' का बड़ा झटका लगा है. बिहार में बिजली की दरों में 55 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है. बढ़ी हुई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी. इससे पहले कभी भी एक बार में इतनी बड़ी वृद्धि नहीं की गई थी. बिहार विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को बिजली की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दी.
आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी ने यहां बढ़ी हुई दरों की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला वर्ष 2016-17 में हुए राजस्व घाटे को देखते हुए लिया गया है. बढ़ी हुई बिजली की नई दरें पहली अप्रैल से राज्य भर में लागू होंगी. बढ़ी हुई दरों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं को अब एक से सौ यूनिट तक 5.75 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा, जबकि पहले इसके लिए तीन रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खर्च करना पड़ता था. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों, व्यावसायिक उपयोग, घरेलू उपयोग सहित सभी वर्गों में बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है.
बिजली दर में बेतहाशा वृद्धि पर जनता दल (यृनाइटेड) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि देश के कई राज्यों की तुलना में बिहार में बिजली की दर अभी भी कम है. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि बिजली दर में बढ़ोतरी का काम विद्युत नियामक आयोग करती है, सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं होता. उल्लेखनीय है कि बिजली दर में इजाफे के संकेत पिछले कई दिनों से सरकार दे रही थी, लेकिन बिजली की दरें अचानक इतनी बढ़ जाएंगी, इसका अनुमान किसी को नहीं था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी ने यहां बढ़ी हुई दरों की घोषणा करते हुए कहा कि यह फैसला वर्ष 2016-17 में हुए राजस्व घाटे को देखते हुए लिया गया है. बढ़ी हुई बिजली की नई दरें पहली अप्रैल से राज्य भर में लागू होंगी. बढ़ी हुई दरों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं को अब एक से सौ यूनिट तक 5.75 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा, जबकि पहले इसके लिए तीन रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खर्च करना पड़ता था. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों, व्यावसायिक उपयोग, घरेलू उपयोग सहित सभी वर्गों में बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है.
बिजली दर में बेतहाशा वृद्धि पर जनता दल (यृनाइटेड) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि देश के कई राज्यों की तुलना में बिहार में बिजली की दर अभी भी कम है. उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि बिजली दर में बढ़ोतरी का काम विद्युत नियामक आयोग करती है, सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं होता. उल्लेखनीय है कि बिजली दर में इजाफे के संकेत पिछले कई दिनों से सरकार दे रही थी, लेकिन बिजली की दरें अचानक इतनी बढ़ जाएंगी, इसका अनुमान किसी को नहीं था.
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