नीतीश कुमार मुस्लिम समुदाय पर अपनी पकड़ नहीं खोना चाहते हैं....
- नीतीश कुमार ने शनिवार को कई विभागों के कामकाज की समीक्षा की
- अल्पसंख्यक समुदाय के लिए और नई स्कीम लाने की बात कही
- नीतीश पहले दिन से ही मुस्लिम समुदाय को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं
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पटना:
बीजेपी के साथ सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार मुस्लिम समुदाय का विश्वास पाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. आशंका जताई जा रही थी कि बीजेपी के साथ जाने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय पर उनका जोर नहीं रहेगा. लेकिन अपने वादे के मुताबिक ही वे अल्पसंख्यक समुदाय की योजनाओं पर जोर दे रहे हैं.
दो दिन पहले जब बजरंग दल के कार्यकर्ता ने एक ट्रक ड्राइवर और उसके दो साथियों को बीफ ले जाने के शक में भोजपुर में मारपीट की थी तो हर जगह घटना की निंदा की गई थी. नीतीश कुमार ने खास तौर पर घटना पर नाराजगी जाहिर की थी. नीतीश कुमार ने शनिवार को कई विभागों के कामकाज की समीक्षा की. उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए और नई स्कीम लाने की बात कही.
पढ़ें: आरजेडी के विधायकों के अनुरोध पर नीतीश और सुशील मोदी ने जल्द खत्म किए भाषण, जानिए क्यों...
अब प्रदेश के सभी 2200 मान्यता प्राप्त मदरसों के ढांचागत विकास में सरकार मदद करेगी. पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय आदि के लिये राज्य सरकार सहायता राशि उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत राशि अब सरकारी विद्यालयों के अतिरिक्त मदरसों से 10 वीं एवं 12वीं कक्षा के समकक्ष परीक्षाओं में उतीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को भी दी जाएगी.
पढ़ें : नीतीश कुमार सरकार का फैसला, 50 से अधिक उम्र के टीचरों को जबरन किया जाएगा रिटायर
जिले के प्रत्येक वक्फ बोर्ड पर सरकार एक बिल्डिंग बनाकर उनके कार्यालय, कम्युनिटी हॉल और छात्रों के लिए लाइब्रेरी की सुविधा देगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक परित्यक्ता महिला आर्थिक सहायता योजना की राशि को 10000 की जगह 25000 रुपये कर दिया है.
VIDEO : नीतीश से अलग होंगे शरद यादव?
माना जा रहा है कि नीतीश ने ये सभी घोषणाएं यह जताने के लिए की हैं कि बीजेपी में शामिल होने के बाद भी उनकी पार्टी की विचारधारा नहीं बदली है. न ही अल्पसंख्यक समुदाय के साथ कोई भेदभाव किया जाएगा. नीतीश पहले दिन से मुस्लिम समुदाय को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं. विश्वासमत के दौरान उन्होंने अपना भाषण छोटा कर दिया था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक परित्यक्ता महिला आर्थिक सहायता योजना की राशि प्रति महिला 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की जाएगी.
दो दिन पहले जब बजरंग दल के कार्यकर्ता ने एक ट्रक ड्राइवर और उसके दो साथियों को बीफ ले जाने के शक में भोजपुर में मारपीट की थी तो हर जगह घटना की निंदा की गई थी. नीतीश कुमार ने खास तौर पर घटना पर नाराजगी जाहिर की थी. नीतीश कुमार ने शनिवार को कई विभागों के कामकाज की समीक्षा की. उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए और नई स्कीम लाने की बात कही.
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अब प्रदेश के सभी 2200 मान्यता प्राप्त मदरसों के ढांचागत विकास में सरकार मदद करेगी. पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय आदि के लिये राज्य सरकार सहायता राशि उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अन्तर्गत राशि अब सरकारी विद्यालयों के अतिरिक्त मदरसों से 10 वीं एवं 12वीं कक्षा के समकक्ष परीक्षाओं में उतीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को भी दी जाएगी.
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जिले के प्रत्येक वक्फ बोर्ड पर सरकार एक बिल्डिंग बनाकर उनके कार्यालय, कम्युनिटी हॉल और छात्रों के लिए लाइब्रेरी की सुविधा देगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक परित्यक्ता महिला आर्थिक सहायता योजना की राशि को 10000 की जगह 25000 रुपये कर दिया है.
VIDEO : नीतीश से अलग होंगे शरद यादव?
माना जा रहा है कि नीतीश ने ये सभी घोषणाएं यह जताने के लिए की हैं कि बीजेपी में शामिल होने के बाद भी उनकी पार्टी की विचारधारा नहीं बदली है. न ही अल्पसंख्यक समुदाय के साथ कोई भेदभाव किया जाएगा. नीतीश पहले दिन से मुस्लिम समुदाय को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं. विश्वासमत के दौरान उन्होंने अपना भाषण छोटा कर दिया था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक परित्यक्ता महिला आर्थिक सहायता योजना की राशि प्रति महिला 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की जाएगी.
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