नितिन गडकरी और सीएम नीतीश कुमार
पटना:
बिहार सरकार ने मंगलवार को राज्य की एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के लिए केंद्र सरकार को अधिसूचना जारी कर दी. एक सौ सत्रह किलोमीटर लम्बे आरा-मोहनिया सड़क का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में केंद्र सरकार कराएगी.
ये फैसला सोमवार की शाम पटना में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच एक बैठक में हुआ. इस बैठक में केंद्र ने बक्सर से वाराणसी तक फोर लेन और भागलपुर जिले में वर्तमान विक्रमशिला सेतु के समांतर एक और सेतु के निर्माण पर भी सहमति दे दी.
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इस बैठक के बाद गडकरी ने घोषणा की कि गंगा नदी में वाराणसी से हल्दियां तक कोई बराज का निर्माण नहीं कराया जायेगा. हालांकि, उन्होंने माना कि पूर्व में अपने वादों के बावजूद कोर्ट में लंबित मामले के कारण कई महत्वपूर्ण सड़क जैसे मोतिहारी-रक्सौल का निर्माण अभी भी अधूरा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव के पूर्व दिए गये पैकिज की चर्चा करते हुए गडकरी ने कहा कि इसके अनुसार राज्य में करीब 55 हजार करोड़ की लागत से अलग-अलग योजनाओं पर काम होना है, जहाँ करीब 20 हजार करोड़ की लागत से 36 योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. वहीं, दस योजनाओं का टेंडर निकाला जा चुका है. बाकी के 22 योजना, जिसकी कुल लागत 17 हजार करोड़ है, उसका टेंडर अगले दो महीने में निकाला जाएगा.
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बिहार में फिलहाल 11 हजार करोड़ केंद्र द्वारा विभिन परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के किए दिया गया है. इसके अलावा बोधगया से राजगीर तक जाने वाली चार लेन की सड़क में जगह-जगह एलिवेटेड सरक का निर्माण कराने पर केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है.
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ये फैसला सोमवार की शाम पटना में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच एक बैठक में हुआ. इस बैठक में केंद्र ने बक्सर से वाराणसी तक फोर लेन और भागलपुर जिले में वर्तमान विक्रमशिला सेतु के समांतर एक और सेतु के निर्माण पर भी सहमति दे दी.
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