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बिहार में PNG का लक्ष्य पूरे नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई, मुख्य सचिव ने दी चेतावनी

बिहार में पटना और मुजफ्फरपुर जैसे कुछ जिलों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में वास्तविक पीएनजी कनेक्शन की संख्या तय लक्ष्य से काफी कम है. कई स्थानों पर भूमि आवंटन और अन्य स्वीकृतियों में देरी जैसी तकनीकी बाधाएं भी सामने आ रही हैं.

बिहार में PNG का लक्ष्य पूरे नहीं करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई, मुख्य सचिव ने दी चेतावनी
बिहार में पीएनजी लक्ष्य नहीं हुआ पूरा
Bihar News:

LPG गैस को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों में गोदामों के सामने लंबी-लंबी लाइन अब भी दिख रही है. कई जिलों में गैस के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगे रहना पड़ रहा है. वहीं लोगों का कहना है कि अगर PNG का कनेक्शन लोगों को मिल जाता तो उन्हें दिक्कत नहीं झेलना पड़ता, क्योंकि कई जिलों में PNG की पाइपलाइन पहुंच चुकी है, लेकिन गैस की सपलाई शुरू नहीं हुई है. इस बीच बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार (6 अप्रैल) को PNG के लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली कंपनियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है.

मुख्य सचिव ने राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कार्य की धीमी प्रगति पर सभी तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा तय लक्ष्य हासिल नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अमृत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर राज्य में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में गठित ‘‘आपदा प्रबंधन समूह'' (सीएमजी) की बैठक की अध्यक्षता की.

PNG पाइप लाइन का काम जमीनी स्तर पर तेज किया जाए

मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्य सचिव ने राज्य में PNG पाइपलाइन कार्य की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि कार्य को मिशन की तरह जमीनी स्तर पर तेज किया जाए. उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को हासिल करने में किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बयान में कहा गया कि पटना और मुजफ्फरपुर जैसे कुछ जिलों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में वास्तविक पीएनजी कनेक्शन की संख्या तय लक्ष्य से काफी कम है. कई स्थानों पर भूमि आवंटन और अन्य स्वीकृतियों में देरी जैसी तकनीकी बाधाएं भी सामने आ रही हैं.

मुख्य सचिव ने निगरानी के दिए आदेश

मुख्य सचिव ने नोडल विभाग को तेल कंपनियों की प्रगति की निरंतर निगरानी करने और प्रत्येक सोमवार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और प्रभारी सचिवों को भी अपने आवंटित जिलों का नियमित दौरा कर ठेकेदारों तथा वहां तैनात जनशक्ति की उपलब्धता का भौतिक निरीक्षण करने को कहा गया है.

बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने एलपीजी सिलेंडर के लंबित वितरण पर विस्तृत प्रस्तुति दी. इसमें अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिम चंपारण जिलों में विशेष रूप से समस्या उजागर की गई. अब तक राज्य में जिला अधिकारियों द्वारा 22,878 सघन निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें कई सिलेंडर जब्त किए गए और प्राथमिकी दर्ज की गई.

तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि अब लगभग 90 प्रतिशत सिलेंडर की डिलीवरी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी सत्यापन के माध्यम से की जा रही है और सुरक्षा कारणों से वैकल्पिक मोबाइल नंबर का विकल्प काफी हद तक समाप्त कर दिया गया है.

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