Tanvi Patri Youth Olympics Badminton: भारतीय युवा खिलाड़ी हर क्षेत्र में अपने खेल से उम्दा परफॉर्मेंस कर आगे बढ़ रहे हैं. हाल ही में स्क्वैश में 18 साल की अनाहत सिंह ने अपनी पहचान बनाई है तो वहीं अब भारतीय बैडमिंटन में महज 15 साल की तन्वी पत्री अपने खेल से सुर्खियां बटोर रही हैं. 15 साल की तन्वी पत्री ने सेनेगल के डकार में महिला एकल फाइनल में पहुंचकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिससे 2026 यूथ ओलंपिक में उनका मेडल पक्का हो गया है. जापान की युज़ुनो वातानाबे के खिलाफ उनके रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में उनके जज्बे और मजबूती की झलक देखने को मिली, जिसमें उन्होंने 21-14, 11-21 और 21-19 से जीत दर्ज की.
54 मिनट तक चले एक रोमांचक तीन-गेम वाले सेमीफाइनल में, युवा बैडमिंटन खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान की युज़ुनो वातानाबे को 21-14, 11-21 और 21-19 से हरा दिया. यूथ ओलंपिक में भारतीय बैडमिंटन के लिए एक और बड़ी उपलब्धि तन्वी का फाइनल तक पहुंचना है. साल 2018 में ब्यूनस आयर्स में लक्ष्य सेन दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि 2010 में सिंगापुर में हुए पहले टूर्नामेंट में एचएस प्रणय ने सिल्वर मेडल जीता था। 2014 में, आदित्य जोशी लड़कों के सिंगल्स सेमीफाइनल तक पहुंचे थे.
History made! 🇮🇳🏸 At just 15, Tanvi Patri storms into the Youth Olympic Games badminton final, becoming the first Indian woman to achieve the feat and assuring India a historic medal! One more step to gold. Go, Tanvi! 🥇 #YouthOlympicGames #Dakar2026 #Cheer4Bharat #yog2026 @mansukhmandviya @khadseraksha @dptofsportsgoi
— SAI Media (@Media_SAI) November 5, 2026
तन्वी पात्री कौन हैं?
भारत की सबसे तेजी से उभरती बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक, तन्वी पात्री ओडिशा से हैं और फिलहाल बेंगलुरु के 'सेंटर ऑफ बैडमिंटन एक्सीलेंस' में ट्रेनिंग ले रही हैं. जब वह चीन में रह रही थीं, जहां उनके पिता आईटी इंडस्ट्री में काम करते थे., तब उन्हें बैडमिंटन का शौक लगा. बैडमिंटन पर पूरी तरह ध्यान देने से पहले, तन्वी को रोलर स्केटिंग में भी काफी दिलचस्पी थी. तन्वी ने एशियन U15 और U17 खिताब भी जीते हैं, और उन्होंने सेनेगल में हुए यूथ ओलंपिक गेम्स में सेमीफाइनल जीतकर मेडल हासिल किया था.
लेकिन तन्वी के लिए सेमीफाइनल मैच आसान नहीं था, जीत हासिल करने के लिए उन्हें अपनी पूरी ताकत लगानी पड़ी और शानदार वापसी करनी पड़ी. तन्वी ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहला गेम जापान की युज़ुनो वातानाबे के खिलाफ 21-14 से जीता। भारतीय खिलाड़ी दूसरा गेम 11-21 से हार गईं, क्योंकि उनकी जापानी प्रतिद्वंद्वी ने भी जोरदार वापसी की थी.
तीसरा गेम निर्णायक बन गया था, लेकिन तन्वी ने अपना संयम बनाए रखा और वापसी की। युज़ुनो ने मैच पर पकड़ बनाने और लय हासिल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने 21-19 से जीत दर्ज की. तन्वी फाइनल में पहुंच गई हैं, और अगर वह गोल्ड मेडल जीत लेती हैं, तो यूथ ओलंपिक गेम्स में इतिहास रचा जा सकता है.
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