
प्रतीकात्मक तस्वीर
न्यू यॉर्क:
अमेरिका में भारतीय मूल के एक शोधकर्ता को मेलानोमा त्वचा कैंसर पर शोध के लिए 150,000 डॉलर का अनुदान मिलेगा। बोस्टन विश्वविद्यालय के बीयू टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बोस्टन विश्वविद्यालय के फार्माकोलॉजी और मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर अनुराग सिंह को मेलानोमा रिसर्च एलायंस से यह अनुदान मिला है।
उन्हें इस बात का अध्ययन करना है कि एनआरएएस नामक उत्परिवर्तित जीन वाले मेलानोमा के कुछ रूप उपचार के जरिए क्यों ठीक नहीं हो पाते।
सिंह ने कहा कि आरएएस उत्परिवर्तन अपने आप में एक पूर्ण विकसित ट्यूमर की वजह नहीं हो सकता। यह एक ऐसी अवस्था की बुनियाद रख देता है जो आगे बढ़कर कैंसर का रूप ले लेती है।
सिह की प्रयोगशाला इस शोध में लगी हुई है कि आरएएस जीन के दो रूप, एनआरएएस और केआरएएस अन्य जीनों के साथ मिलकर कैसे एक ऐसा जीन नेटवर्क तैयार करते हैं जो कंप्यूटर सर्किट के अनुरूप होता है।
उन्हें इस बात का अध्ययन करना है कि एनआरएएस नामक उत्परिवर्तित जीन वाले मेलानोमा के कुछ रूप उपचार के जरिए क्यों ठीक नहीं हो पाते।
सिंह ने कहा कि आरएएस उत्परिवर्तन अपने आप में एक पूर्ण विकसित ट्यूमर की वजह नहीं हो सकता। यह एक ऐसी अवस्था की बुनियाद रख देता है जो आगे बढ़कर कैंसर का रूप ले लेती है।
सिह की प्रयोगशाला इस शोध में लगी हुई है कि आरएएस जीन के दो रूप, एनआरएएस और केआरएएस अन्य जीनों के साथ मिलकर कैसे एक ऐसा जीन नेटवर्क तैयार करते हैं जो कंप्यूटर सर्किट के अनुरूप होता है।
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