कजाखिस्तान:
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके दो सहयोगी फ्लाइट इंजीनियर यूरी मालेनचेंको और अकी होशिदे चार माह तक कक्षा में रहने के बाद आज सकुशल धरती पर लौट आए। मध्य कजाखिस्तान की जमीन पर इन अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने कदम रखे।
इससे पहले तीनों को अंतरिक्ष स्टेशन में उनके सहयोगियों केविन फोर्ड, एवगेनी तारेकिन और ओलेग नोवित्स्काई ने विदाई दी। तीनों अंतरिक्ष यात्री भारतीय समयानुसार सात बज कर 26 मिनट पर अर्काल्यक शहर पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अभी तीन और अंतरिक्ष यात्री हैं और वे अगले साल वापस आएंगे।
इससे पहले तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस पहुंचाने के लिए उनका अंतरिक्ष यान सोयुज अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो गया।
तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के साथ ही उनका 127 दिन का अंतरिक्ष प्रवास पूरा हो गया। सुनीता और उनके दोनों सहयोगियों को लेकर सोयुज यान जैसे ही तय स्थान से, संचालन संबंधी विलंब की वजह से 35 किमी दूर धरती पर उतरा, वैसे ही तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की मदद के लिए वहां हेलीकॉप्टर पहुंच गए। उनके साथ खोज एवं बचाव दस्ते भी थे।
अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में रह गए तीन यात्री अगले साल वापस लौटेंगे। दो लंबे अंतरिक्ष मिशनों में सुनीता कुल 322 दिन अंतरिक्ष में बिता चुकी हैं। पूर्व में वह अभियान 14..15 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर 9 दिसंबर 2006 से 22 जून 2007 तक अंतरिक्ष में रही थीं।
सुनीता अंतरिक्ष में अब तक सात बार चहलकदमी कर चुकी हैं, जिसमें उन्हें 50 घंटे 40 मिनट का समय लगा। इनमें अभियान (एक्सपेडिशन) 32 और 33 के दौरान की गई उनकी तीन चहलकदमी भी शामिल है। इस प्रकार किसी महिला अंतरिक्ष यात्री की चहलकदमी का रिकॉर्ड सुनीता के नाम हो गया है।
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेन्सी के होशिदे के लिए भी अंतरिक्ष का यह दूसरा दौरा था। इससे पहले वह 2008 में एसटीएस 124 मिशन के विशेषज्ञ के तौर पर डिस्कवरी शटल से अंतरिक्ष स्टेशन आ चुके हैं।
रूसी सोयुज कमांडर मालेन्चेन्को का यह पांचवा अंतरिक्ष दौरा था। वह कुल 642 दिन अंतरिक्ष में बिता चुके हैं और अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने वालों की सूची में उनका स्थान सातवां है। नासा टीवी सोयुज के उतरने के बाद के वीडियो और अंतरिक्ष यात्रियों से साक्षात्कार का प्रसारण करेगा।
सोयुज का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग होना अभियान 33 की समाप्ति और फोर्ड के नेतृत्व में अभियान 34 की शुरुआत का संकेत था। फोर्ड मार्च तक इस स्टेशन में नोवित्स्काई तथा तारेकिन के साथ रहेंगे।
सुनीता ने कक्षा में मौजूद प्रयोगशाला का जिम्मा शनिवार की दोपहर एक आयोजन के दौरान फोर्ड को सौंपा। अभियान 34 के तीन अतिरिक्त फ्लाइट इंजीनियर..नासा के अंतरिक्ष यात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री क्रिस हैडफील्ड तथा रूसी संघीय अंतरिक्ष एजेंसी के रोमन रोमानेन्को को लेकर 19 दिसंबर को एक यान बैकानूर से प्रक्षेपित होगा और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन पर उतरेगा। ये तीनों यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पांच माह तक रहेंगे।
फोर्ड, नोवित्स्काई और तारेकिन के रवाना होने के बाद हेडफील्ड स्टेशन की कमान संभालने वाले पहले कनाडाई अंतरिक्ष यात्री होंगे। फोर्ड, नोवित्स्काई और तारेकिन की रवानगी के साथ ही अभियान 35 शुरू होगा।
वर्ष 2011 में अमेरिकी शटल का बेड़ा अंतरिक्ष अभियानों से हटा लिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री कक्षा में मौजूद प्रयोगशाला जाने के लिए सोयुज का ही उपयोग कर रहे हैं।
इससे पहले तीनों को अंतरिक्ष स्टेशन में उनके सहयोगियों केविन फोर्ड, एवगेनी तारेकिन और ओलेग नोवित्स्काई ने विदाई दी। तीनों अंतरिक्ष यात्री भारतीय समयानुसार सात बज कर 26 मिनट पर अर्काल्यक शहर पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अभी तीन और अंतरिक्ष यात्री हैं और वे अगले साल वापस आएंगे।
इससे पहले तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस पहुंचाने के लिए उनका अंतरिक्ष यान सोयुज अंतरिक्ष स्टेशन से अलग हो गया।
तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के साथ ही उनका 127 दिन का अंतरिक्ष प्रवास पूरा हो गया। सुनीता और उनके दोनों सहयोगियों को लेकर सोयुज यान जैसे ही तय स्थान से, संचालन संबंधी विलंब की वजह से 35 किमी दूर धरती पर उतरा, वैसे ही तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की मदद के लिए वहां हेलीकॉप्टर पहुंच गए। उनके साथ खोज एवं बचाव दस्ते भी थे।
अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में रह गए तीन यात्री अगले साल वापस लौटेंगे। दो लंबे अंतरिक्ष मिशनों में सुनीता कुल 322 दिन अंतरिक्ष में बिता चुकी हैं। पूर्व में वह अभियान 14..15 में फ्लाइट इंजीनियर के तौर पर 9 दिसंबर 2006 से 22 जून 2007 तक अंतरिक्ष में रही थीं।
सुनीता अंतरिक्ष में अब तक सात बार चहलकदमी कर चुकी हैं, जिसमें उन्हें 50 घंटे 40 मिनट का समय लगा। इनमें अभियान (एक्सपेडिशन) 32 और 33 के दौरान की गई उनकी तीन चहलकदमी भी शामिल है। इस प्रकार किसी महिला अंतरिक्ष यात्री की चहलकदमी का रिकॉर्ड सुनीता के नाम हो गया है।
जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेन्सी के होशिदे के लिए भी अंतरिक्ष का यह दूसरा दौरा था। इससे पहले वह 2008 में एसटीएस 124 मिशन के विशेषज्ञ के तौर पर डिस्कवरी शटल से अंतरिक्ष स्टेशन आ चुके हैं।
रूसी सोयुज कमांडर मालेन्चेन्को का यह पांचवा अंतरिक्ष दौरा था। वह कुल 642 दिन अंतरिक्ष में बिता चुके हैं और अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने वालों की सूची में उनका स्थान सातवां है। नासा टीवी सोयुज के उतरने के बाद के वीडियो और अंतरिक्ष यात्रियों से साक्षात्कार का प्रसारण करेगा।
सोयुज का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग होना अभियान 33 की समाप्ति और फोर्ड के नेतृत्व में अभियान 34 की शुरुआत का संकेत था। फोर्ड मार्च तक इस स्टेशन में नोवित्स्काई तथा तारेकिन के साथ रहेंगे।
सुनीता ने कक्षा में मौजूद प्रयोगशाला का जिम्मा शनिवार की दोपहर एक आयोजन के दौरान फोर्ड को सौंपा। अभियान 34 के तीन अतिरिक्त फ्लाइट इंजीनियर..नासा के अंतरिक्ष यात्री टॉम मार्शबर्न, कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री क्रिस हैडफील्ड तथा रूसी संघीय अंतरिक्ष एजेंसी के रोमन रोमानेन्को को लेकर 19 दिसंबर को एक यान बैकानूर से प्रक्षेपित होगा और दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन पर उतरेगा। ये तीनों यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पांच माह तक रहेंगे।
फोर्ड, नोवित्स्काई और तारेकिन के रवाना होने के बाद हेडफील्ड स्टेशन की कमान संभालने वाले पहले कनाडाई अंतरिक्ष यात्री होंगे। फोर्ड, नोवित्स्काई और तारेकिन की रवानगी के साथ ही अभियान 35 शुरू होगा।
वर्ष 2011 में अमेरिकी शटल का बेड़ा अंतरिक्ष अभियानों से हटा लिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री कक्षा में मौजूद प्रयोगशाला जाने के लिए सोयुज का ही उपयोग कर रहे हैं।
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