इस्लामाबाद:
पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी एक अदालत ने शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सम्पत्ति जब्त करने के आदेश दिए। अदालत ने यह आदेश पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो हत्या मामले में मुशर्रफ के अदालत में पेश न होने के कारण दिए हैं। समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार, न्यायालय के अधिकारियों ने कहा कि अदालत मुशर्रफ को बेनजीर हत्या मामले में पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है, क्योंकि कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी वह अदालत में अपना रुख साफ करने के लिए तैयार नहीं हैं। संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने अदालत से मुशर्रफ को सम्मन जारी करने का अनुरोध किया था। बेनजीर की हत्या के समय मुशर्रफ राष्ट्रपति थे। लेकिन उन्होंने इस मामले में जांच में सहयोग करने से इंकार कर दिया। एफआईए के वकील चौधरी जुल्फिकार ने कहा कि जांच में सहयोग न करने पर मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। एफआईए ने अदालत में पेश होने से मुशर्रफ के इनकार संबंधी अंतिम रिपोर्ट अदालत में शनिवार को पेश की और अदालत ने उसके बाद उनकी सम्पत्ति जब्त करने के आदेश दे दिए। मीडिया रपटों में कहा गया है कि अदालत ने मुशर्रफ के बैंक खातों को भी जब्त करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि मुशर्रफ का मुकदमा उनकी गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों से अलग चलेगा। उल्लेखनीय है कि बेनजीर भुट्टो की 27 दिसम्बर, 2007 को एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई थी।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
परवेज मुशर्रफ, बेनजीर हत्याकांड, संपत्ति जब्त