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This Article is From Apr 22, 2026

UK में 'लाइफटाइम स्मोकिंग बैन' को मंजूरी, 2009 के बाद जन्मे लोगों के लिए सिगरेट बेचना-खरीदना अब गैरकानूनी

ब्रिटेन की सरकार नया कानून लागू हुआ है. अब वहां 17 साल या उससे छोटे बच्चों के लिए लाइफटाइम स्मोकिंग बैन रहेगी.

UK में 'लाइफटाइम स्मोकिंग बैन' को मंजूरी, 2009 के बाद जन्मे लोगों के लिए सिगरेट बेचना-खरीदना अब गैरकानूनी
  • ब्रिटेन ने टोबैको एंड वैप्स बिल के तहत 17 साल या उससे कम उम्र के बच्चों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बैन
  • इस कानून के अनुसार तंबाकू खरीदने की कानूनी उम्र हर साल एक वर्ष बढ़ाई जाएगी
  • बिल 1 जनवरी 2009 या बाद में जन्मे लोगों पर लागू होगा और वेपिंग तथा निकोटीन उत्पादों की बिक्री पर भी पाबंदियां

ब्रिटेन के सांसदों ने एक ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दी है. इसके तहत 17 साल या उससे कम उम्र के बच्चों और भविष्य में पैदा होने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बैन होगा. तंबाकू खरीदने की कानूनी उम्र हर साल एक साल बढ़ा दी जाएगी. यह बदलाव ब्रिटेन में टोबैको एंड वैप्स बिल के तहत हुआ है. यह कानून 1 जनवरी 2009 को या उसके बाद पैदा हुए लोगों पर लागू होगा. इसका मतलब है कि ये लोग कभी भी कानूनी रूप से सिगरेट खरीदने की उम्र तक नहीं पहुंच पाएंगे.

वेपिंग पर भी बैन

टोबैको एंड वेप्स बिल 1 जनवरी 2009 को या उसके बाद पैदा हुए लोगों से शुरू होकर, हर साल तंबाकू खरीदने की कानूनी उम्र एक साल बढ़ाता है, जिसका मतलब है कि प्रभावित उम्र के ग्रुप पर लाइफटाइम बैन रहेगा. इस कानून को अगले हफ्ते लागू होगा. कानून वेपिंग पर भी कंट्रोल कड़ा करता है, जिसमें 18 साल से कम उम्र के लोगों को वेपिंग और निकोटीन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर बैन लगाना और विज्ञापन, डिस्प्ले, मुफ़्त डिस्ट्रीब्यूशन और डिस्काउंट पर रोक लगाना शामिल है.

सरकार का कहना है कि इन उपायों से स्मोकिंग कम करने और युवाओं को निकोटीन की लत लगने से रोकने में मदद मिलेगी, जिससे देश के स्वास्थ्य विभाग पर लंबे समय का दबाव कम होगा. स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि बिल का अप्रूवल देश के स्वास्थ्य के लिए एक हिस्टोरिक पल था. उन्होंने कहा, 'ब्रिटेन में बच्चे पहली स्मोक-फ्री जेनरेशन का हिस्सा होंगे, जो जिंदगी भर की लत और नुकसान से सुरक्षित रहेंगे.'

हर साल स्मोकिंग से 64 हजार लोगों की होती है मौत

इंग्लैंड में स्मोकिंग से हर साल लगभग 64,000 मौतें होती हैं और 400,000 लोग हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं. इससे स्वास्थ्य विभाग को हर साल लगभग 3 बिलियन पाउंड का खर्च आता है, जिसमें 20 बिलियन पाउंड से ज्यादा का इकोनॉमिक खर्च भी शामिल है.

अब वेपिंग भी पॉलिसी बनाने वालों के लिए फोकस बन गया है. खासकर युवाओं में इसके इस्तेमाल और निकोटीन की लत को देश की सरकार की चिंता बढ़ गई है. सरकार ने पिछले साल युवाओं के इस्तेमाल और एनवायरनमेंटल डैमेज को लेकर चिंताओं के कारण सिंगल-यूज़ या डिस्पोजेबल वेप्स की बिक्री पर बैन लगा दिया था. नया कानून उन नियमों को और सख्त करेगा, जिसमें मंत्रियों को सेकेंडरी कानून के जरिए तंबाकू, वेपिंग और निकोटीन प्रोडक्ट्स के फ्लेवर और पैकेजिंग को रेगुलेट करने की पावर मिलेगी.

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