- ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर इस्लामाबाद में होने जा रहा है, लेकिन तल्ख तेवर जारी हैं
- राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से सीधे संवाद की मंशा जताई है, जबकि ईरानी सेना हमले का जवाब देने को तैयार है
- IRGC के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने सेना की तैयारियों और रणनीतिक क्षमताओं पर गर्व जताया है
ईरान-अमेरिका के बीत शांति वार्ता के दूसरे दौर की बातचीत फिर एक बार पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होनी है. दोनों ओर के तल्ख तेवर ये बता रहे हैं कि सीजफायर अब ज्यादा दिनों तक चलेगा नहीं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान से सीधे बात करने की मंशा जाहिर की है. इस बीच ईरानी सेना ने साफ कर दिया है कि हम किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. ईरान ने साफ किया है कि दुश्मन की किसी भी धमकी का हमपर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और हम पूरी मजबूती से जवाब देंगे.
'हमें अपनी सेना पर गर्व है...'
ईरान के खत्म अल‑अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्थापना की वर्षगांठ के मौके पर एक बयान जारी किया. उन्होंने कहा, आज ईरान की बहादुर जनता को IRGC और देश की रक्षा करने वाली अन्य सेनाओं की शक्ति, तैयारियों और व्यापक रणनीतिक क्षमताओं पर गर्व है. इन बलों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इजरायल और अमेरिका को दबाव में ला दिया है, जिससे वे थकान और मजबूरी की हालत में संघर्षविराम की मांग करने को मजबूर हुए हैं.
हम किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार-ईरान
कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने कहा,“ईरान की जनता ने चौकों और सड़कों पर बड़े पैमाने पर और जोश के साथ मौजूद रहकर यह दिखाया है कि वह सशस्त्र बलों के प्रति अपना समर्थन बनाए हुए है.” उन्होंने आगे कहा, “ईरान की बहादुर सशस्त्र सेनाएं, सरकार और देश की सम्मानित और साहस दिखाने वाली जनता के साथ मिलकर, सर्वोच्च कमांडर के निर्देशों का पूरी तरह पालन करते हुए एकजुट हैं और दुश्मन की किसी भी धमकी या कार्रवाई का निर्णायक, प्रभावी और तुरंत जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि सशस्त्र बल मजबूत स्थिति में हैं, अमेरिका का राष्ट्रपति झूठे और भ्रमित दावे करता है, हम यह अनुमति नहीं देंगे कि वह सैन्य संघर्ष के दौरान शांति के समय का दुरुपयोग कर जमीनी हालात की झूठी और भ्रामक तस्वीर पेश करे, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर. उन्होंने आगे कहा, “किसी भी समझौते के उल्लंघन पर सक्षम और प्रभावी तरीके से जवाब दिया जाएगा.”
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